प्रयागराज की धरती से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान सरकार बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ कर रही है। अखिलेश यादव ने सरकार पर "ऑर्गेनाइज्ड घोटाला" करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का मुख्य ध्यान राष्ट्र निर्माण के बजाय केवल चंदा बटोरने पर केंद्रित है।

अखिलेश यादव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रयागराज का जिक्र छात्रों की समस्याओं, परीक्षा के आयोजन और पेपर लीक की घटनाओं के बिना अधूरा है। उन्होंने युवाओं के भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए घोषणा की कि यदि भविष्य में उनकी सरकार बनती है, तो उन छात्रों को आयु सीमा में न्यूनतम तीन वर्षों की छूट दी जाएगी, जिनकी आयु सरकारी भर्ती परीक्षाओं के इंतजार में निकल चुकी है। मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की दयनीय स्थिति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वहां 77 में से मात्र 9 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ही संचालित हो रहे हैं, जो सरकार के विकास के दावों की पोल खोलते हैं।

राम मंदिर को मिलने वाले चढ़ावे के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने बेहद तीखे तेवर अपनाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी लोग सनातन धर्म की रक्षा के पक्षधर हैं, किंतु धर्म की आड़ में किए जा रहे गोरखधंधों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या से लेकर संपूर्ण उत्तर प्रदेश में जनता इस कथित चंदा चोरी को लेकर आक्रोशित है और इसके तार कर्नाटक तथा महाराष्ट्र तक जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने एक कटाक्षपूर्ण नारा भी दिया, जिसमें भाजपा पर राम के नाम पर धन हड़पने का आरोप लगाया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता अब 'रामधन' का स्पष्ट हिसाब मांग रही है।

अंत में, उन्होंने भाजपा पर संविधान को बदलने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सत्ताधारी दल अब अपने सांसदों के माध्यम से संवैधानिक ढांचे को बदलने का प्रयास कर रहा है। अखिलेश यादव ने भाजपा के कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके शब्दकोष में न धर्म के लिए स्थान है और न ही शर्म के लिए। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि आने वाले समय में ये मुद्दे उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ी बहस का केंद्र बनने वाले हैं, जिसका सीधा असर राज्य की जनभावनाओं पर पड़ेगा।

Pramod Yadav, Prayagraj

Pramod Yadav, Prayagraj

पद: रीजनल कॉरेस्पोंडेंट, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)

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