वर्ल्ड रेबीज डे: खेरवाड़ा में स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी तत्काल इलाज की सलाह
जानवर के काटने पर घाव को 15 मिनट साबुन पानी से धोएं और तुरंत एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाएं, घरेलू नुस्खों से बचें।

वर्ल्ड रेबीज डे के अवसर पर खेरवाड़ा में ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी खेरवाड़ा डॉ. अरुण मीणा एवं ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी नयागांव डॉ. निकुंज कलासुआ ने आमजन से रेबीज बीमारी के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने पशु के काटने अथवा खरोंचने की स्थिति में बिना देरी किए तत्काल चिकित्सकीय उपचार लेने की आवश्यकता बताई।
चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि रेबीज एक गंभीर बीमारी है। इसके लक्षण दिखाई देने के बाद जीवन रक्षा की संभावना बेहद कम हो जाती है, जबकि समय पर उपचार लेकर इसे पूरी तरह रोका जा सकता है। किसी भी जानवर के काटने या खरोंचने पर घाव को तुरंत कम से कम 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद घाव की सफाई कर चिकित्सक की सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाना आवश्यक है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि पशु के काटने पर मिर्च, सरसों का तेल अथवा किसी घरेलू नुस्खे का प्रयोग नहीं करें और उपचार में किसी प्रकार की देरी भी नहीं करें। घायल व्यक्ति को तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल या एंटी-रेबीज क्लिनिक ले जाकर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि पालतू कुत्तों सहित अन्य पालतू पशुओं का समय पर नियमित टीकाकरण करवाना भी रेबीज की रोकथाम का महत्वपूर्ण उपाय है। जागरूकता और समय पर उपचार से रेबीज से होने वाली मृत्यु को रोका जा सकता है।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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