विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर खेरवाड़ा में आयोजित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक संसाधन प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक जनसंवाद का मंच तैयार किया। सेवा मन्दिर खेरवाड़ा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए 210 युवाओं, महिलाओं और नागरिकों ने सहभागिता करते हुए प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए कॉलेज विद्यार्थियों ने भी भाग लेकर ग्रामीण समुदाय के साथ विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नारायण जोशी ने प्रकृति और मानव जीवन के अटूट संबंध को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान समय में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर गंभीर प्रयास नहीं किए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए युवाओं से इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि कृपा शंकर जोशी ने सामुदायिक वनाधिकार (सीएफआर) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वन केवल प्राकृतिक संपदा नहीं, बल्कि ग्रामीण समुदायों की आजीविका, संस्कृति और पहचान का भी आधार हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदायों की सहभागिता से वन संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन को अधिक मजबूती मिल सकती है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जन, जंगल और जमीन के संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा और बढ़ते तापमान जैसी चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए जल संरक्षण, वृक्षारोपण तथा प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।

कार्यक्रम का संचालन मांगी लाल कसोटा ने किया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने प्रकृति संरक्षण, सामुदायिक संसाधनों के सतत प्रबंधन तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल पर्यावरणीय जागरूकता का माध्यम बना, बल्कि समाज में प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व और सामूहिक भागीदारी की भावना को भी मजबूत करने वाला साबित हुआ।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

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