प्रथम राज्य स्तरीय विश्वकर्मा सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता राजसमन्द में आयोजित
राजसमन्द के 70 केंद्रों पर आयोजित प्रतियोगिता में 115 अभ्यर्थी शामिल हुए, मेधावी छात्रों को नकद पुरस्कार और करियर काउंसलिंग के जरिए मिलेगा मार्गदर्शन।

राजसमन्द (प्रात:काल संवाददाता)। अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा राजस्थान के प्रदेश युवा प्रकोष्ठ एवं विश्वकर्मा युवा मित्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में प्रथम राज्य स्तरीय विश्वकर्मा सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता प्रदेश के 70 केंद्रों पर सफलता के साथ संपन्न हुई। जिला प्रभारी मांगीलाल सुथार ने परीक्षा के व्यापक उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य ध्येय युवाओं को न केवल प्रेरणा प्रदान करना है, बल्कि उन्हें भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मानसिक रूप से सुदृढ़ और तैयार करना भी है।
राजसमन्द जिले में इस शैक्षणिक महाकुंभ के प्रति भारी उत्साह देखा गया, जहां कुल 148 नामांकन प्राप्त हुए और इनमें से 115 अभ्यर्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। जूनियर व सीनियर दो वर्गों में आयोजित इस परीक्षा के दौरान प्रतिभागियों ने इतिहास, भूगोल, समसामयिकी (करंट अफेयर्स), विज्ञान और राजस्थान के सामान्य ज्ञान पर आधारित जटिल प्रश्नों का कुशलतापूर्वक समाधान किया। महासभा के जिलाध्यक्ष दिनेश बाबूलाल जवारिया ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे छात्रों में सामाजिक जागरूकता और आत्मविश्वास का संचार होगा।
प्रतियोगिता के प्रोत्साहन स्वरूप केंद्र, जिला एवं प्रदेश स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी अभ्यर्थियों को नकद राशि एवं प्रमाण-पत्रों से नवाजा जाएगा। जिला मीडिया प्रभारी प्रकाश जांगिड़ ने जानकारी दी कि प्रदेश स्तर पर शीर्ष 200 स्थानों पर रहने वाले प्रतिभागियों के लिए विशेष करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में समाज के प्रतिष्ठित प्रशासनिक अधिकारी और अग्रणी उद्योगपति युवाओं को भविष्य की योजनाओं हेतु मार्गदर्शन देंगे, ताकि वे अपने ज्ञान का सही दिशा में विनियोग कर सकें।
समाज के प्रबुद्धजनों ने महासभा की इस दूरगामी पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे समाज के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मील का पत्थर बताया है। संस्था ने आगामी महीनों में भी इसी प्रकार की अन्य परीक्षाओं के आयोजन की घोषणा की है। इस संपूर्ण आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से क्रियान्वित करने में पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा, जिला महामंत्री दिनेश शर्मा, सहप्रभारी किशन लाल सुथार, प्रभु दयाल जांगिड़, प्रदेश प्रतिनिधि महेश शर्मा एवं शांतिलाल शर्मा, रमेश सुथार, विमल सुथार तथा प्रदेश ऑब्जर्वर राम अवतार सहित अनेक समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशेष रूप से गायत्री पब्लिक स्कूल धोइंदा के संस्थापक हरिवल्लभ पालीवाल एवं केंद्राधीक्षक डॉ. गिरीश पालीवाल का सहयोग सराहनीय रहा। यह आयोजन समाज के शैक्षणिक उत्थान और युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक निर्णायक प्रभाव छोड़ने में सफल रहा है।

