विप्र फाउंडेशन: प्रशासनिक परीक्षाओं में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने को अभियान
विप्र फाउंडेशन का शिक्षा प्रकोष्ठ उदयपुर में सेमिनार के जरिए युवाओं को प्रशासनिक और निजी क्षेत्र की नौकरियों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

उदयपुर। विप्र समाज के विद्यार्थियों को प्रशासनिक एवं उच्च राजकीय सेवाओं में अधिकाधिक प्रतिनिधित्व दिलाने तथा समाज में शैक्षिक एवं प्रतियोगी चेतना का वातावरण निर्मित करने के उद्देश्य से विप्र फाउंडेशन के शिक्षा, रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षा प्रकोष्ठ की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार, 20 मई को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. एच. आर. दवे की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति जागरूक करने एवं उन्हें संगठित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. एच. आर. दवे ने स्पष्ट किया कि शिक्षित, जागरूक एवं लक्ष्यनिष्ठ युवा ही किसी भी समाज के उज्ज्वल भविष्य की वास्तविक आधारशिला होते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि समाज संगठित रूप से शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में कार्य करेगा, तो आने वाले समय में विप्र समाज के अधिकाधिक युवा आईएएस, आरएएस सहित विभिन्न प्रशासनिक एवं उच्च सेवाओं में चयनित होकर समाज और राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगे।
शिक्षा, रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षा के प्रदेश सचिव गणेश नागदा ने आगामी कार्ययोजना का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रकोष्ठ से जुड़े पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित नोहरों, छात्रावासों, धर्मशालाओं, वाटिकाओं एवं सामुदायिक भवनों में प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए प्रेरणा एवं करियर परामर्श सेमिनार आयोजित करेंगे। इन सेमिनारों के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा आईएएस, आईपीएस, आरएएस, आरपीएस, आरटीएस एवं आरजेएस सहित केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न सेवाओं से संबंधित सिलेबस, परीक्षा प्रणाली, रिक्त पदों, परीक्षा कैलेंडर, अध्ययन रणनीति एवं सफलता के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
सचिव गणेश नागदा ने यह भी स्पष्ट किया कि बैठक में युवाओं को केवल सरकारी सेवाओं तक ही सीमित न रखने का निर्णय लिया गया है। इसके बजाय, उन्हें निजी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं प्लेसमेंट की अपार संभावनाओं के प्रति भी जागरूक किया जाएगा ताकि वे बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न करियर विकल्पों का चयन कर सकें। यह पहल विप्र समाज के युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।

