सामाजिक संस्था 'विकल्प' द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। समारोह में विकल्प संस्थान की संस्थापक एवं संचालिका उषा चौधरी ने विद्यार्थियों को शिक्षा, आत्मविश्वास और सामाजिक जागरूकता का संदेश देते हुए कहा कि डर और झिझक को छोड़कर ही बच्चे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि परिवार और गुरुजनों का सहयोग बच्चों की सफलता की सबसे बड़ी ताकत होता है।

प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन 7 जुलाई से 20 जुलाई 2026 तक मावली ब्लॉक के 40 विद्यालयों में चलाए गए "आओ स्कूल चले हम" अभियान के समापन अवसर पर किया गया। अभियान के दौरान विद्यालयों में रैली, पोस्टर प्रतियोगिता और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। समारोह में 22 विद्यालयों के 54 विद्यार्थियों तथा 20 शिक्षकों ने भाग लिया।

अपने संबोधन में उषा चौधरी ने लिंग परीक्षण, कन्या भ्रूण हत्या और बाल विवाह को गंभीर कानूनी अपराध बताते हुए कहा कि "बेटा-बेटी एक समान" का संदेश केवल नारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज को इसे अपने व्यवहार में भी अपनाना होगा। उन्होंने अभिभावकों से बेटा-बेटी के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करने और सभी बच्चों को समान अवसर उपलब्ध कराने की अपील की।

विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उषा चौधरी ने अपने बचपन का एक संस्मरण साझा किया। उन्होंने बताया कि दूसरी कक्षा में पढ़ाई के दौरान उन्होंने रेडियो पर आकाशवाणी का बाल कार्यक्रम 'नन्ही दुनिया' सुना था। कार्यक्रम में भाग लेने की इच्छा जताने पर उनके पिता उन्हें साइकिल पर बैठाकर रेतीले रास्तों से आकाशवाणी केंद्र लेकर गए। उन्होंने कहा कि यदि उस समय परिवार का सहयोग नहीं मिला होता तो शायद आज वे इतने लोगों के सामने आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त नहीं कर पातीं।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अवसरों का इंतजार करने के बजाय उन्हें पहचानकर आगे बढ़ना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने सफलता के लिए चार महत्वपूर्ण संदेश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेकर डर और झिझक दूर करने, अपने जीवन का लक्ष्य चार्ट बनाकर प्रतिदिन उसे देखने, मोबाइल पर समय व्यर्थ गंवाने के बजाय नियमित समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करने तथा हर अवसर का लाभ उठाकर स्वयं को साबित करने का प्रयास करने का आह्वान किया।

उषा चौधरी ने बताया कि विकल्प संस्थान वर्ष 2004 से लड़कियों, महिलाओं, युवाओं तथा विवाहित युवतियों और युवकों के साथ शिक्षा, बाल विवाह रोकथाम, लैंगिक समानता, महिला हिंसा तथा यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य जैसे विषयों पर लगातार कार्य कर रहा है। संस्था ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा से वंचित बच्चों को पुनः विद्यालयों से जोड़ने के लिए निरंतर अभियान चला रही है। साथ ही महिलाओं के लिए निःशुल्क सिलाई एवं कौशल विकास प्रशिक्षण भी संचालित किए जा रहे हैं।

समारोह की विशेषता यह रही कि मंच संचालन और विचार व्यक्त करने का अवसर बच्चों को दिया गया। लगभग 10 विद्यार्थियों ने मंच पर आकर बाल विवाह रोकने, शिक्षा जारी रखने और अपने सपनों को पूरा करने का संकल्प व्यक्त किया। संस्था ने विद्यार्थियों को निर्भीक होकर अपनी बात रखने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम में फलीचड़ा, लदाना, काकरवा और धनेरिया सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक उपस्थित रहे। प्रधानाचार्य रामचंद्र रेगर, महेश दाधीच, लदाना स्कूल प्रधानाध्यापक ओम दाधीच, सरिता तथा सीबीईओ कार्यालय से राजेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों को शिक्षा का महत्व बताते हुए विशेष रूप से बालिकाओं की बढ़ती शैक्षणिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यालय छोड़ चुके बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया।

समारोह के अंत में पोस्टर प्रतियोगिता एवं अन्य प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। साथ ही सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया गया।

Pratahkal Bureau

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