आकोला। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से विकल्प संस्थान द्वारा ग्रामीण अंचल में एक सशक्त जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से समाज में व्याप्त इस कुरीति के प्रति लोगों को सचेत कर सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।

अभियान के अंतर्गत संस्थान की टीम ने भोपालसागर तहसील के काकरंवा, चुंडावत खेड़ी और निलोद गांवों में प्रभावी नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बाल विवाह के कारण होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों को अत्यंत सरल एवं प्रभावशाली ढंग से रेखांकित किया गया, जिसने ग्रामीणों की सोच पर गहरा असर डाला। जागरूकता के प्रसार हेतु केवल नाटकों तक सीमित न रहकर, संस्थान द्वारा नारा लेखन, पंपलेट वितरण और संवाद कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इन माध्यमों से ग्रामीणों को स्पष्ट रूप से समझाया गया कि बाल विवाह न केवल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए घातक है, बल्कि यह कानूनन एक गंभीर अपराध भी है। अभियान के अंत में ग्रामीणों से पुरजोर अपील की गई कि वे इस कुप्रथा को रोकने में अपनी नैतिक जिम्मेदारी का निर्वहन करें ताकि समाज को एक सुरक्षित और सशक्त दिशा की ओर अग्रसर किया जा सके।

Pratahkal HQ

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