उदयपुर के वासनी कला में मनाई गई वीर सावरकर जयंती
माय भारत केंद्र के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चों के लिए खेल एवं बौद्धिक प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

उदयपुर के ग्राम वासनी कला में गुरुवार, 28 मई 2026 को स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की जयंती के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी और प्रतियोगिता के दौरान उपस्थित ग्रामीण महिलाएं, बच्चे और मुख्य वक्ता भगवती जोशी (बायें खड़ी हुईं)।
माय भारत केंद्र उदयपुर के तत्वावधान में गुरुवार को ग्राम वासनी कला में स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) की जयंती देशभक्ति, हर्षोल्लास और प्रेरणादायी वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर संगोष्ठी, बच्चों एवं महिलाओं की विभिन्न खेल एवं बौद्धिक प्रतियोगिताओं सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों एवं ग्रामीणों द्वारा वीर सावरकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उपस्थित वक्ताओं ने भारत की स्वतंत्रता संग्राम में सावरकर के अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए उनके राष्ट्रसेवा से जुड़े संघर्षों और विचारों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में गांव के गणमान्य नागरिकों, महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति से ओत-प्रोत हो गया।
प्रतियोगिताओं के क्रम में बच्चों के लिए ‘नींबू-चम्मच दौड़’ आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागी बच्चों ने अत्यंत उत्साह और जोश के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता के विजेताओं को माय भारत केंद्र उदयपुर की ओर से पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया। वहीं महिलाओं के लिए आयोजित ‘वाद-विवाद प्रतियोगिता’ कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही, जिसमें प्रतिभागियों ने सामाजिक एवं राष्ट्रीय विषयों पर प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। कड़े मुकाबले में ‘लक्ष्मी बाई वासनी ग्रुप’ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता एवं राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित भगवती जोशी ने वीर सावरकर के जीवन, संघर्ष, त्याग और राष्ट्रभक्ति पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा, “वीर सावरकर का तपस्वी जीवन आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके राष्ट्र निर्माण के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।”
कार्यक्रम के समापन पर माय भारत केंद्र के पदाधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों, विजेताओं एवं उपस्थित ग्रामीणजनों का आभार व्यक्त किया। आयोजन में खेमराज कुमावत, डाल चंद्र, घनश्याम, कमलेश, शंभू बाई, श्यामू, सौसर, अन्छी रामी, हुडी, संतोष, प्रशांत, दिव्या, देवेंद्र एवं पूजा सहित अनेक ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान वासनी कला गांव में देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता का सशक्त वातावरण बना रहा, जिसने आयोजन को और अधिक प्रभावी एवं प्रेरणादायी बना दिया।

Pratahkal Bureau
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