सुराणा के शिक्षा मंदिर में गूँजे वेद मंत्र: बसंत पंचमी पर माँ सरस्वती और गणपति की प्रतिमाएं हुईं प्रतिष्ठित
सुराणा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में बसंत पंचमी पर माँ सरस्वती और भगवान श्री गणपति की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा भव्य समारोह के साथ संपन्न हुई। आचार्य प्रदीप पालीवाल के वैदिक मंत्रोच्चार और ग्रामीणों की उपस्थिति में आयोजित इस धार्मिक उत्सव ने विद्यालय में संस्कार और विद्या की नई अलख जगाई है। जानिए इस पावन आयोजन के मुख्य अंश और उपस्थित गणमान्य जनों के बारे में।

सुराणा (राजसमंद)। विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती के पावन पर्व बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सुराणा गांव के शैक्षणिक वातावरण में भक्ति और दिव्यता का नया अध्याय जुड़ गया है। यहाँ स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में नवनिर्मित मंदिर में माँ शारदे और प्रथम पूज्य भगवान श्री गणपति की पावन प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा शुक्रवार को पूर्ण श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। मध्यान्ह 12:15 बजे के अभिजित मुहूर्त में जब वैदिक मंत्रोच्चार की गूँज उठी, तो पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।
समारोह का शुभारंभ विद्वान आचार्य प्रदीप पालीवाल के सानिध्य में हुआ, जिन्होंने शास्त्रोक्त विधि-विधान से कलश स्थापना, हवन-यज्ञ और विशेष पूजा-अर्चना संपन्न करवाई। विधि-विधान पूर्वक किए गए इन अनुष्ठानों के माध्यम से देव प्रतिमाओं में प्राण प्रतिष्ठित किए गए, जिससे विद्यालय के प्रांगण में एक अलौकिक दिव्यता का संचार हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और गणमान्य जन उमड़ पड़े।
इस गौरवमयी क्षण के अवसर पर विद्यालय के संस्था प्रधान भँवर सिंह, विजय जोशी, देवेंद्र सिंह झाला और निवर्तमान वार्ड पंच ऋषभ कटारिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही ग्राम के प्रबुद्ध नागरिक कालू सिंह, प्रभु सिंह, राय सिंह, दिनेश सुथार, प्रकाश चंद्र कटारिया, नवल दास, भूर सिंह, अंबालाल और सुमेर सिंह सहित विद्यालय परिवार एवं समस्त ग्रामवासियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को भव्यता प्रदान की।
विद्यालय प्रशासन का मानना है कि परिसर में माँ सरस्वती और भगवान गणपति की स्थापना से न केवल विद्यार्थियों में आध्यात्मिक चेतना जागृत होगी, बल्कि उनमें विद्या, विवेक, संस्कार और सद्बुद्धि के संवर्धन का संकल्प भी सुदृढ़ होगा। आयोजन के सफल समापन पर विद्यालय परिवार ने समस्त ग्रामवासियों, सहयोगकर्ताओं और श्रद्धालुजनों का आभार व्यक्त करते हुए इसे सुराणा की शिक्षा और संस्कृति के लिए एक मील का पत्थर बताया। यह आयोजन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे सामूहिक सहभागिता की एक अनुपम मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

Vishnu Lohar, Jhadol
नाम: विष्णु लोहार
वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल, झाड़ोल)
कार्यक्षेत्र: झाड़ोल, उदयपुर (राजस्थान) - मुख्य रूप से झाड़ोल और गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र एवं आसपास का ग्रामीण अंचल
अनुभव: करीब 10 वर्ष
बीट और विशेषज्ञता
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
- वाणिज्य स्नातक (B.Com)
- वाणिज्य स्नातकोत्तर (M.Com)
- B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
- BSTC (बेसिक स्कूल टीचिंग सर्टिफिकेट)
