अरबन को-ऑपरेटिव बैंक चित्तौड़गढ़: रजत जयंती गौरव महोत्सव का आयोजन
समारोह में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी बैंक के 25 वर्षों की विकास यात्रा के साक्षी बनेंगे।

चित्तौड़गढ़। अरबन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की स्थापना के पच्चीस गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज एक भव्य रजत जयंती गौरव महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साक्षी बनने के लिए पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और सहकारिता मंत्री गौतम दक सहित अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। बैंक अध्यक्ष डॉ. आई. एम. सेठिया ने जानकारी दी कि 11 नवंबर 1999 को एक सहकारी समिति के रूप में पंजीकृत इस संस्थान की प्रथम शाखा का शुभारंभ 14 मई 2001 को संत रामदयाल के कर-कमलों से हुआ था। मात्र 1250 सदस्यों से 1000 रुपये प्रति व्यक्ति के योगदान से 12.50 लाख रुपये की अल्प पूंजी से आरंभ हुआ यह सफर आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। वित्तीय वर्ष 2025-26 तक बैंक का कुल व्यवसाय 240 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है, जिसमें 162 करोड़ रुपये की जमाएं और 78 करोड़ रुपये का ऋण शामिल है। बैंक की नेटवर्थ में हुई वृद्धि 17.45 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, जो इसकी सुदृढ़ वित्तीय स्थिति को प्रमाणित करती है।
कठिन व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के दौर में राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के समकक्ष आधुनिक सेवाएं प्रदान कर रहे इस बैंक ने अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। वर्तमान में बैंक अपनी सात शाखाओं के माध्यम से दो जिलों के लगभग 20 हजार ग्राहक परिवारों को सेवाएं दे रहा है। वर्ष 2001 में केवल चार कर्मचारियों के साथ शुरू हुआ यह संस्थान आज 48 परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार है। सीबीएस तकनीकी से सुसज्जित इस बैंक के ग्राहक मोबाइल बैंकिंग, डेबिट कार्ड, आरटीजीएस, आईएमपीएस और एनईएफटी जैसी आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। साथ ही, साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक के सभी कड़े मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया है।
बैंक की प्रगति का एक और महत्वपूर्ण अध्याय दुर्ग की तलहटी स्थित गांधीनगर में लिखा जा रहा है, जहां 7680 वर्ग फीट भूमि पर भव्य प्रधान कार्यालय का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। इस भवन का शिलान्यास पिछले वर्ष 7 जून 2025 को राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और आरबीआई निदेशक सतीश मराठे के सानिध्य में संपन्न हुआ था। आगामी 4-5 महीनों में बनकर तैयार होने वाले इस भवन में प्रधान कार्यालय के साथ एक नई शाखा और जनसामान्य की सुरक्षा हेतु एक वृहद लॉकर हाउस भी प्रस्तावित है। यह रजत जयंती समारोह न केवल बैंक की अब तक की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि भविष्य के सशक्त विस्तार का संकल्प भी है।

