डूंगरपुर (सागवाड़ा) – जिले में पिछले माह हुई बिनमौसम बारिश ने किसानो की मेहनत पर पानी फेर दिया। सोयाबीन, मक्का और धान की फसलों का लगभग 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा खराब हो गया। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राजस्थान सरकार ने जिले के 1042 गांवों के किसानों को फसल खराबा देने के आदेश जारी किए हैं।

भारतीय किसान संघ के जिला प्रवक्ता लल्लुराम बिजोला ने बताया कि राज्य सरकार को किसानों की समस्याओं की जानकारी मिलने के बाद सभी तहसीलों – आसपुर, साबला, सागवाड़ा, गलियाकोट, ओबरी, चिखली, सीमलवाड़ा, जोतरी, पाल, देवल, दोवड़ा, बिछीवाड़ा, गामड़ी और अहाड़ा – में बाढ़ एवं अभावग्रस्त घोषित करते हुए फसल खराबा देने का आदेश जारी किया गया है। यह प्रावधान 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगा।

सरकार ने निर्देश दिया है कि जिन किसानों की फसल में 33 प्रतिशत या उससे अधिक की क्षति हुई है, उन्हें एसडीआरएफ नियमों के तहत कृषि अनुदान प्राप्त होगा। विभाग को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है कि प्रभावित किसानों को समय पर अनुदान का भुगतान किया जाए।

स्थानीय किसानों ने बताया कि बेमौसमी बारिश से खेतों में पानी भर जाने के कारण फसलें पूरी तरह से खराब हो गईं, जिससे उनका आर्थिक नुकसान अनुमानित 40 से 50 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। प्रशासन की यह कार्रवाई प्रभावित किसानों के लिए राहत की खबर है और इससे उनके नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी।

बिनमौसम बारिश और फसल नुकसान की यह घटना जिले के कृषि पर प्रत्यक्ष प्रभाव डाल रही है और सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम किसानों के हित में महत्वपूर्ण साबित होगा।

Pratahkal Bureau

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