युवाओं की भागीदारी से विकसित गांव के सपने को मिल रही नई दिशा, तीन गांवों में चला जागरूकता अभियान
खेरोदा में युवा क्षमता निर्माण कार्यक्रम के तहत तीन गांवों में जागरूकता अभियान चला। ग्राम विकास, योजनाओं और जनभागीदारी पर संवाद हुआ, युवाओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।

उदयपुर के धकड़ावाला गांव में आयोजित युवा जागरूकता अभियान के पांचवें दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम और बैठक के माध्यम से ग्रामीणों एवं युवाओं को ग्राम विकास के प्रति जागरूक करते कार्यकर्ता।
“विकसित गांव” के संकल्प को साकार करने की दिशा में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को निर्णायक शक्ति बताते हुए खेरोदा अपना संस्थान, उदयपुर द्वारा संचालित युवा क्षमता निर्माण कार्यक्रम 2026 के अंतर्गत चल रहे युवा जागरूकता अभियान के पांचवें दिन कई गांवों में व्यापक जनसंपर्क और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।
अभियान दल ने इस दौरान डेरावड, काबरा मांडकला एवं धकड़ावाला गांवों का दौरा किया, जहां युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों को ग्राम विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जागरूक किया गया। सुबह के समय डेरावड गांव में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों के साथ विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें रोजगार, ग्राम विकास और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और आवश्यकताएं साझा कीं, जिनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया गया।
इसके पश्चात अभियान दल काबरा मांडकला पहुंचा, जहां आयोजित सभा में युवाओं और महिलाओं को ग्राम सभा में भागीदारी, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम में युवाओं को गांव के विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कार्यकर्ता प्रभा शंकर शर्मा ने कहा कि जागरूक और संगठित युवा ही ग्रामीण विकास की वास्तविक शक्ति हैं। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। वहीं नारायण लाल ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। तेजराम ने संस्थान के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को समाज में आदर्श स्थापित करने और ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाने की प्रेरणा दी।
सायंकाल अभियान दल धकड़ावाला गांव पहुंचा, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता का संदेश दिया गया। कलाकार भंवर लाल व्यास एवं भरत चौबीसा द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों ने युवाओं में समूह निर्माण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता की भावना को और सुदृढ़ किया। इस दौरान कार्यकर्ता नारू लाल ने संस्थान का परिचय प्रस्तुत करते हुए बैठक की रिपोर्टिंग की। वहीं किशन अहीर ने पंचायती राज व्यवस्था, ग्राम सभा की भूमिका, गांव की समस्याओं के समाधान और जनभागीदारी के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होकर विकास में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस पूरे अभियान के दौरान गांव-गांव में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा गया, जिसने “विकसित गांव” के लक्ष्य को नई ऊर्जा प्रदान की।

Budhi prakash parashar (Udaipur)
नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार
परिचय
बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:
- वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
- उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।
