उदयपुर: ट्रांसपोर्ट के नाम पर 10 हजार की ठगी, आरोपी मनीष मीणा पर केस दर्ज
दौसा से जूनागढ़ माल भेजने के बहाने कृष्णा ट्रांसपोर्ट के प्रोप्राइटर ने हड़पे पैसे, हिरणमंगरी थाना पुलिस ने शुरू की जांच।

उदयपुर। शहर के हिरणमंगरी थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक जालसाज ने ट्रांसपोर्ट के जरिए माल भेजने का झांसा देकर एक व्यक्ति से हजारों रुपए ऐंठ लिए और माल को गंतव्य तक नहीं पहुँचाया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अब आरोपी के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच की कमान संभाल ली है।
घटनाक्रम के अनुसार, उमरडा निवासी मोहित मेनारिया पुत्र बंशीलाल ने पुलिस को बताया कि उन्होंने बीती 17 जनवरी को लक्ष्मी ट्रांसपोर्ट पाली के एक वॉट्सएप ग्रुप पर दौसा से जूनागढ़ (गुजरात) के लिए 1500 किलो माल भेजने हेतु एक पिकअप वाहन की आवश्यकता से संबंधित पोस्ट डाली थी। इस पोस्ट को देखकर कृष्णा ट्रांसपोर्ट कंपनी के प्रोप्राइटर मनीष मीणा, निवासी कल्याणपुरा बोई (सीकर) ने अगले दिन 18 जनवरी 2025 को मोहित से संपर्क किया और माल ले जाने का सौदा तय किया। आरोपी के भरोसे में आकर पीड़ित ने दौसा से जूनागढ़ के लिए माल पिकअप में लोड करवा दिया।
जालसाजी को पुख्ता करने के लिए आरोपी मनीष मीणा ने एक बिल्टी भी जारी की, जिसमें कुल भाड़ा 16 हजार रुपए दर्शाया गया था। आरोपी के कहे अनुसार मोहित ने माल रवाना होने से पहले ही तयशुदा भाड़े की अग्रिम राशि के रूप में 10 हजार रुपए मनीष के बताए बैंक खाते में हस्तांतरित कर दिए। राशि प्राप्त होने के बाद भी आरोपी ने वाहन को जूनागढ़ के लिए रवाना नहीं होने दिया। जब शाम 6 बजे के बाद पीड़ित ने बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया, तो आरोपी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब मोहित ने वाहन चालक संदीप से सीधी बात की। चालक ने बताया कि आरोपी ने मोहित से लिए गए 10 हजार रुपए न तो वाहन मालिक को दिए और न ही उसे भुगतान किया। पकड़े जाने के डर से आरोपी मनीष लगातार परिवादी को गुमराह करता रहा और पैसे रिफंड करने या मालिक को देने का झूठा आश्वासन देता रहा। अंततः आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया और संपर्क तोड़ लिया। हिरणमंगरी थाना पुलिस ने इस संगठित धोखाधड़ी पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

