उदयपुर: ऋषभदेव में बाइक हटाने के विवाद पर व्यापारी और बेटे पर हमला, 7 गिरफ्तार
ऋषभदेव में रास्ते से बाइक हटाने को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपियों ने वेल्डिंग वर्कशॉप में घुसकर पिता-पुत्र पर हथौड़ों और पत्थरों से हमला किया।

उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले के ऋषभदेव थाना क्षेत्र में रास्ते से बाइक हटाने जैसे मामूली विवाद ने उस समय खौफनाक रूप ले लिया जब दबंगों ने एक व्यापारी का पीछा कर उसकी दुकान में घुसकर पिता-पुत्र पर हथौड़ों और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक सात मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
घटनाक्रम के अनुसार, ऋषभदेव निवासी विजय पंचाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके पिता कन्हैयालाल पंचाल अपनी स्कूटी लेकर बाजार गए थे। वहां कुछ युवकों ने बीच सड़क पर अपनी बाइक खड़ी कर रास्ता अवरुद्ध कर रखा था। जब कन्हैयालाल ने उन्हें बाइक किनारे करने के लिए कहा, तो युवक भड़क गए और गाली-गलौज करते हुए धमकियां देने लगे। विवाद बढ़ता देख पिता वहां से अपनी दुकान 'श्री केसरियाजी वेल्डिंग वर्कशॉप' लौट आए, लेकिन आरोपी शांत नहीं हुए। एक युवक उनका पीछा करते हुए दुकान तक पहुंच गया और देखते ही देखते फोन कर अपने साथियों को बुला लिया। महज कुछ ही मिनटों में 3-4 बाइकों पर सवार होकर करीब 7-8 हमलावर हथियारों के साथ दुकान में घुस गए।
आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से कन्हैयालाल पंचाल पर हथौड़ों और पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जब बेटा विजय उन्हें बचाने आया, तो हमलावरों ने उस पर भी प्रहार किया। इस हमले में कन्हैयालाल गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों और कर्मचारियों को आता देख बदमाश जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। भागते समय पीड़ित पक्ष ने एक बाइक का नंबर नोट कर लिया, जो जांच में अहम कड़ी साबित हुई। यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसने बदमाशों की बर्बरता की पुष्टि कर दी।
ऋषभदेव थानाधिकारी हेमंत अहारी ने बताया कि पुलिस ने इस गंभीर प्रकरण में मामला दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दबिश दी और सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान दिलीप पुत्र प्रकाश, श्रीपाल पुत्र प्रकाश (दोनों निवासी पीपलिया भाउवा), जयंति पुत्र चेतन, सुंदर पुत्र कैलाश, महेश पुत्र शंकर, जगदीश पुत्र मंगला (चारों निवासी दरी फलां कानुवाडा) और राहुल पुत्र नारायण (निवासी बिलखाई कानुवाडा) के रूप में हुई है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि वारदात में शामिल अन्य पहलुओं का खुलासा किया जा सके।

