उदयपुर। राजस्थान की लोक-संस्कृति और नारी-सशक्तिकरण का प्रतीक ‘घूमर महोत्सव 2025’ अब उदयपुर संभाग में रंग और रौनक भरने को तैयार है। प्रदेशभर में एक साथ आयोजित होने वाले इस महोत्सव में राजस्थान की पारंपरिक शाही नृत्य परंपरा ‘घूमर’ नई ऊर्जा और उमंग के साथ मंच पर जीवंत होगी।

पर्यटन विभाग की संयुक्त निदेशक सुमिता सरोच ने बताया कि प्रतिभागियों के लिए 13 से 17 नवम्बर तक नगर निगम के पंडित दीनदयाल सभागार में दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक निशुल्क प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इन कार्यशालाओं में पंजीकृत सदस्य घूमर नृत्य की तकनीक, ताल और पारंपरिक मुद्राओं का अभ्यास करेंगे। 18 नवम्बर को भंडारी दर्शक मंडप में पूर्वाभ्यास होगा और 19 नवम्बर को मुख्य कार्यक्रम पूरे उल्लास के साथ सम्पन्न होगा।

उन्होंने बताया कि जिन्होंने अभी तक पंजीकरण नहीं करवाया है, वे स्थल पर पहुँचकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। महोत्सव में 12 वर्ष से अधिक आयु की बालिकाएँ, युवतियाँ, गृहिणियाँ, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ, नृत्य संस्थानों की छात्राएँ और कॉलेज प्रतिभागी शामिल हो सकेंगी। प्रतिभागियों का पंजीकरण व्यक्तिगत और सामूहिक दो श्रेणियों में किया जा रहा है। समूह श्रेणी में न्यूनतम 20 और अधिकतम 25 सदस्य होंगे।

राज्य सरकार द्वारा उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी की पहल पर आयोजित यह महोत्सव 19 नवम्बर को प्रदेश के सातों संभागीय मुख्यालयों पर एक साथ मनाया जाएगा। उदयपुर में महोत्सव का पोस्टर विमोचन पहले ही किया जा चुका है। इस आयोजन का उद्देश्य राजस्थान की पारंपरिक लोक-संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाना और महिलाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है।

‘घूमर महोत्सव 2025’ न केवल राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव है, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण, एकता और परंपरा के गौरव को भी मंच पर उजागर करेगा।

Pratahkal Bureau

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