उदयपुर से फूटेगा आक्रोश का लावा: UGC के 'भेदभावपूर्ण' कानून के खिलाफ करणी सेना ने फूंका आंदोलन का शंखनाद
उदयपुर में UGC के नए भेदभावपूर्ण कानून के खिलाफ श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंडावत ने विशाल जनआंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। समस्त सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर सरकार को चेतावनी दी गई है कि यदि यह विभाजनकारी कानून वापस नहीं लिया गया, तो छात्र शक्ति और सर्व समाज सड़कों पर उतरकर निर्णायक संघर्ष करेगा। जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों उबल रहा है उदयपुर।

उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर एक बार फिर बड़े जनआंदोलन की गवाह बनने जा रही है। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) द्वारा हाल ही में लागू किए गए नियमों को लेकर प्रदेश के सामाजिक संगठनों में भारी उबाल है। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के उदयपुर जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंडावत ने इस कानून को समाज को विभाजित करने वाला और भेदभावपूर्ण करार देते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। करणी सेना के नेतृत्व में अब समस्त सामाजिक संगठन एकजुट होकर एक ऐसे ऐतिहासिक संघर्ष की तैयारी कर रहे हैं, जिसकी गूँज दिल्ली के गलियारों तक सुनाई देगी।
जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंडावत ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि UGC का यह नया कानून भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में जानबूझकर वर्गभेद पैदा करने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। करणी सेना ने इस कानून की तमाम औपचारिकताओं और तकनीकी पहलुओं का गहन अध्ययन करने के बाद इसे पूरी तरह अन्यायपूर्ण पाया है। चुंडावत ने शासन और प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है कि यदि इस कानून को तत्काल प्रभाव से वापस नहीं लिया गया, तो उदयपुर की सड़कों पर जनसैलाब उतरेगा।
इस आंदोलन की रणनीति को लेकर अर्जुन सिंह चुंडावत ने स्पष्ट किया कि यह किसी विशेष व्यक्ति या सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि व्यवस्था की विसंगतियों के खिलाफ है। उन्होंने सरकार की दोहरी नीतियों पर प्रहार करते हुए सवाल उठाया कि एक तरफ 'बांटोगे तो काटोगे' जैसे नारों से एकता की बात की जाती है, तो दूसरी तरफ शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में भेदभाव की दीवारें क्यों खड़ी की जा रही हैं? उन्होंने पुरजोर तरीके से कहा कि जब राष्ट्र और धर्म की रक्षा की बात आती है तो जाति से ऊपर उठने का आह्वान किया जाता है, लेकिन अधिकारों के वितरण में यही मापदंड क्यों बदल जाते हैं।
आगामी रणनीति के तहत सभी सामाजिक संगठनों द्वारा जल्द ही एक निर्णायक तारीख की घोषणा की जाएगी। इस विशाल आंदोलन में विश्वविद्यालयों के छात्र, 36 कौम के भाई और सर्व समाज के लोग भारी संख्या में शामिल होंगे। अर्जुन सिंह चुंडावत ने विशेष रूप से छात्र शक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि यह उनके भविष्य और सम्मान की लड़ाई है। यह संघर्ष अब केवल एक संगठन का नहीं, बल्कि हर उस नागरिक की न्याय की पुकार बन चुका है जो समान अधिकारों में विश्वास रखता है। उदयपुर से उठने वाली यह चिंगारी आने वाले दिनों में एक बड़े राष्ट्रव्यापी विमर्श को जन्म दे सकती है।

Vishnu Lohar, Jhadol
नाम: विष्णु लोहार
वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल, झाड़ोल)
कार्यक्षेत्र: झाड़ोल, उदयपुर (राजस्थान) - मुख्य रूप से झाड़ोल और गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र एवं आसपास का ग्रामीण अंचल
अनुभव: करीब 10 वर्ष
बीट और विशेषज्ञता
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
- वाणिज्य स्नातक (B.Com)
- वाणिज्य स्नातकोत्तर (M.Com)
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- BSTC (बेसिक स्कूल टीचिंग सर्टिफिकेट)
