उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। नए वर्ष के आगाज के साथ ही यह ऐतिहासिक शहर केंद्र सरकार के एक महत्वपूर्ण आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। आगामी 8 और 9 जनवरी को उदयपुर के प्रतिष्ठित 'ताज अरावली होटल' में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित 'राष्ट्रीय सहकारिता समीक्षा बैठक' का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह बैठक देश के सहकारिता ढांचे को सुदृढ़ करने और 'सहकार से समृद्धि' के दूरदर्शी विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।

इस दो दिवसीय गहन मंथन में देश के कोने-कोने से सहकारिता जगत की शीर्ष विभूतियां जुटेंगी। बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव, रजिस्ट्रार और वरिष्ठ अधिकारी अपनी सहभागिता दर्ज कराएंगे। केंद्रीय सहकारिता सचिव आशीष भूतानी के नेतृत्व में मंत्रालय के उच्चस्तरीय अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल इस समीक्षा बैठक की कमान संभालेगा। इस आयोजन का मुख्य केंद्र बिंदु सहकारिता मंत्रालय की महत्वाकांक्षी पहल 'सहकार से समृद्धि' के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति का आकलन करना और भविष्य की चुनौतियों पर रणनीतिक चर्चा करना होगा।

प्रशासनिक स्तर पर इस आयोजन की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। जिला कलेक्टर नमित मेहता ने शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान व्यवस्थाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। आयोजन को निर्बाध रूप से संपन्न कराने के लिए एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला कलेक्टर ने विशिष्ट अतिथियों के आगमन, प्रवास, सुरक्षा, प्रस्तावित कार्यशाला सत्रों और सांस्कृतिक संध्या की तैयारियों को लेकर बारीकी से चर्चा की। अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी समितियां गुंजन चौबे ने बैठक में आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए अधिकारियों को विभिन्न दायित्वों से अवगत कराया।

इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में एडीएम प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड़, एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा, नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना, यूडीए सचिव हेमेंद्र नागर और गिर्वा एसडीएम अवुला सांईकृष्ण जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। साथ ही सहकारिता विभाग की ओर से संभागीय क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारी आशुतोष भट्ट, उप रजिस्ट्रार लोकेश जोशी, विशेष लेखा परीक्षक कृतिम भट्ट, सहायक रजिस्ट्रार उल्का भारद्वाज, उदयपुर केंद्रीय सहकारी बैंक की प्रबंध निदेशक मेहजबीन बानो और उपभोक्ता थोक भंडार के महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने भी चर्चा में भाग लिया।

उदयपुर में होने वाला यह समागम न केवल सहकारिता क्षेत्र की नीतियों की समीक्षा करेगा, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी राजस्थान की मेहमाननवाजी का लोहा मनवाएगा। देशभर से आने वाले नीति-निर्धारक जब यहां जुटेंगे, तो 'सहकार से समृद्धि' का मार्ग उदयपुर की इन वादियों से होकर प्रशस्त होगा, जो आने वाले समय में देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सहकारी आंदोलनों को एक नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

Pratahkal Bureau

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