उदयपुर। शहर के हिरणमंगरी थाना क्षेत्र में एक निर्माणाधीन मकान पर तराई करते समय हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 17 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों और मकान मालिक के बीच छिड़ा 48 घंटे का गतिरोध रविवार शाम को समझौते के साथ समाप्त हुआ। सोमवार सुबह कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।

घटनाक्रम के अनुसार, बिलिया बंजारा बस्ती, सेक्टर 5 (मनवाखेड़ा रोड) निवासी विक्रम (17) पुत्र नकू बंजारा अपने नाना के साथ रीको क्षेत्र स्थित एक निर्माणाधीन मकान पर रह रहा था, जहां उसके नाना चौकीदारी का कार्य करते थे। गत 18 अप्रैल को विक्रम मकान की तराई कर रहा था, तभी अचानक पानी का प्रेशर बढ़ने से पाइप उसके हाथ से छटक गया। पाइप से निकली पानी की धार पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से टकरा गई, जिससे विक्रम गंभीर रूप से झुलस गया। उसे तत्काल एमबी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान शनिवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।

मौत की सूचना के बाद पुलिस ने शव को मुर्दाघर में रखवाया, लेकिन परिजनों ने उचित मुआवजे की मांग को लेकर शव लेने से इनकार कर दिया। शनिवार से रविवार शाम तक परिजनों और निर्माणाधीन मकान मालिक के बीच मुआवजे की राशि को लेकर कई दौर की वार्ताएं चलीं, जो बेनतीजा रहीं। आखिरकार रविवार शाम को करीब दो घंटे से अधिक समय तक चली अंतिम दौर की वार्ता में दोनों पक्षों के बीच मुआवजा राशि पर सहमति बनी। समझौता होने के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। सोमवार सुबह राजू पिता मोतीलाल बंजारा की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे परिजनों के सुपुर्द किया। दो दिनों तक चले इस तनावपूर्ण घटनाक्रम के पटाक्षेप और 48 घंटे बाद शव उठाए जाने पर पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।

Pratahkal HQ

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