उदयपुर जिले में स्थित विश्वविख्यात मेनार वेटलैंड एक बार फिर शिक्षा, संरक्षण और जैव-विविधता के संगम का साक्षी बना, जब वेटरनरी महाविद्यालय नवानिया के विद्यार्थियों ने यहां शैक्षणिक भ्रमण कर प्रकृति को नज़दीक से समझने का अवसर प्राप्त किया। यह भ्रमण न केवल अकादमिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि विद्यार्थियों के लिए पर्यावरणीय चेतना और वन्यजीव संरक्षण की समझ को गहराने वाला अनुभव भी बना।


वेटरनरी महाविद्यालय नवानिया, उदयपुर के विद्यार्थियों ने रामसर साइट के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त मेनार वेटलैंड का दौरा किया। यह वेटलैंड अपनी समृद्ध पारिस्थितिकी, जलचर जीवन और विशेष रूप से देशी एवं प्रवासी पक्षियों की विविध प्रजातियों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। यहां हर वर्ष हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं, जो इस क्षेत्र को जैव-विविधता का जीवंत उदाहरण बनाते हैं।


महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) शिव शर्मा ने इस अवसर पर जानकारी देते हुए बताया कि मेनार में 16 जनवरी 2026 से बर्ड फेयर का शुभारंभ हो चुका है। इस आयोजन के चलते देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक, पक्षी विशेषज्ञ और प्रकृति प्रेमी मेनार पहुंच रहे हैं। बर्ड फेयर के दौरान मेनार वेटलैंड की प्राकृतिक सुंदरता, वेटलैंड पारिस्थितिकी और प्रवासी पक्षियों के दुर्लभ नज़ारे विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।


इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों की पहचान, उनके प्राकृतिक आवास, व्यवहारिक विशेषताओं और संरक्षण के महत्व के बारे में प्रत्यक्ष और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ। कक्षा की पुस्तकीय पढ़ाई से इतर, खुले प्राकृतिक परिवेश में अध्ययन ने विद्यार्थियों की समझ को और अधिक सुदृढ़ किया।


यह शैक्षणिक गतिविधि महाविद्यालय में संचालित वाइल्डलाइफ प्रोजेक्ट की उप-इकाई के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसका मार्गदर्शन डॉ. हेमंत जोशी द्वारा किया गया। भ्रमण का सफल संचालन डॉ. महेंद्र सिंह मील, सहायक आचार्य तथा डॉ. हाकिम मंजर आलम, सहायक आचार्य के नेतृत्व में किया गया। इनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने वेटलैंड इकोसिस्टम के विभिन्न पहलुओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझा।


मेनार वेटलैंड जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के स्थल पर आयोजित यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए न केवल शैक्षणिक अनुभव रहा, बल्कि भविष्य में पशु चिकित्सा, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरणीय अनुसंधान के प्रति उनकी जिम्मेदारी को भी मजबूत करने वाला साबित हुआ। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि जब शिक्षा को प्रकृति से जोड़ा जाता है, तो वह समाज और पर्यावरण दोनों के लिए दूरगामी सकारात्मक प्रभाव छोड़ती है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

Next Story