उदयपुर। सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए उदयपुर से एक अत्यंत राहत भरी और गौरवशाली खबर सामने आई है। स्थानीय रवींद्रनाथ टैगोर (आरएनटी) मेडिकल कॉलेज में संचालित 'सेंटर ऑफ कॉम्पिटेंस फॉर सिकल सेल डिजीज' के अंतर्गत जल्द ही 'हिबिस्कस' नामक अंतरराष्ट्रीय क्लीनिकल ड्रग ट्रायल का आगाज किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण शोध के तहत 'एटावोपिवेट' नामक दवा की प्रभावशीलता और सुरक्षा का गहन मूल्यांकन किया जाना सुनिश्चित हुआ है। उल्लेखनीय है कि इस वैश्विक ट्रायल के लिए भारत के चुनिंदा 14 केंद्रों का चयन किया गया है, जिनमें राजस्थान से आरएनटी मेडिकल कॉलेज एकमात्र संस्थान है।

कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राहुल जैन ने इस उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस केंद्र को पूर्व में 10 फरवरी 2023 को राजस्थान सरकार द्वारा 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' घोषित किया गया था, जिसे कालांतर में जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा देश के दूसरे 'सेंटर ऑफ कॉम्पिटेंस' के रूप में उच्च स्तरीय मान्यता प्रदान की गई। संस्थान की अब तक की उपलब्धियां अत्यंत प्रभावशाली रही हैं, जिनमें 30,235 नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग, 6,703 गर्भवती महिलाओं की जांच तथा 570 मरीजों एवं 1,720 वाहकों का सफल पंजीकरण शामिल है। इसके अतिरिक्त, केंद्र द्वारा 240 डॉक्टरों, 600 एएनएम और 200 काउंसलर्स को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है और यहां देश का पहला 'सिकल सेल वेलनेस हब' भी स्थापित किया जा चुका है।

यह पहल विशेष रूप से उदयपुर संभाग के जनजातीय क्षेत्रों जैसे झाड़ोल, कोटड़ा, सलूंबर, डूंगरपुर और बांसवाड़ा के लिए वरदान सिद्ध होगी, जहां सिकल सेल रोग की दर राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। इस अंतरराष्ट्रीय ट्रायल के माध्यम से अब स्थानीय मरीजों को उन्नत उपचार के लिए महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। यह संपूर्ण प्रक्रिया महाराणा भूपाल चिकित्सालय के बाल चिकित्सालय विभाग के अधीन संचालित होगी, जिसमें प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. भूपेश जैन, को-प्रिंसिपल डॉ. लाखन पोसवाल एवं स्टडी कोऑर्डिनेटर ललित किशोर पारगी अपनी सेवाएं देंगे। वर्तमान में भी यहां नि:शुल्क आईपीडी वार्ड, रक्त सुविधा और काउंसलिंग सेवाएं उपलब्ध हैं, जो बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य सुधार में सहायक सिद्ध हो रही हैं।

राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन को मजबूती प्रदान करने की दिशा में यह कदम निर्णायक माना जा रहा है। डॉ. आर.एल. सुमन के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय शोध से न केवल मरीजों की जीवन गुणवत्ता में क्रांतिकारी सुधार संभव है, बल्कि यह उदयपुर को सिकल सेल अनुसंधान के वैश्विक मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखता है।

Pratahkal HQ

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