उदयपुर। लेक सिटी के भूपालपुरा स्थित एक सरकारी विद्यालय में उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक महिला फिजिकल टीचर (पीटीआई) द्वारा स्कूल की पहली मंजिल से कूदकर आत्महत्या के प्रयास का मामला सामने आया। घटना राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय भूपालपुरा की है, जहाँ की प्रिंसिपल इंदुक जैन ने महिला फिजिकल टीचर के विरुद्ध आत्महत्या की कोशिश करने की लिखित शिकायत भूपालपुरा थाने में दर्ज कराई है। वहीं, दूसरी ओर पीटीआई ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे केवल मानसिक प्रताड़ना का हिस्सा बताया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद गत 22 अप्रैल को शुरू हुआ जब प्रिंसिपल इंदुक जैन और फिजिकल टीचर के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। प्रिंसिपल ने पुलिस को दी गई अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि कक्षा संचालन के दौरान फिजिकल टीचर ने स्कूल की पहली मंजिल से कूदने का प्रयास किया, किंतु समय रहते अन्य स्टाफ की सतर्कता से उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया। इस घटना के बाद स्कूल के छात्र-छात्राओं और शिक्षण स्टाफ में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। प्रिंसिपल ने इस गंभीर अनुशासनहीनता की शिकायत मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) से भी की है।

विवाद की जड़ में खेल प्रतियोगिता से जुड़ा एक आर्थिक बिल बताया जा रहा है। गिर्वा सीबीईओ दुर्गेश मेनारिया ने स्पष्ट किया कि फिजिकल टीचर का एक खेल संबंधी बिल बकाया था, जिसे नियमों के विरुद्ध बताते हुए प्रिंसिपल ने पारित करने से इनकार कर दिया था। इसी बात से क्षुब्ध होकर कथित तौर पर पीटीआई ने यह आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की। मेनारिया ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच हेतु एक विशेष टीम गठित की गई है जिसने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं और बिल संबंधी दस्तावेजी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। आगामी तीन से चार दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रिंसिपल इंदुक जैन का आरोप है कि फिजिकल टीचर उन पर नियम विरुद्ध बिल पास करने का अनुचित दबाव बना रही थीं और मना करने पर उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही थीं। जब उन्हें आधिकारिक नोटिस थमाया गया, तो वे और अधिक आक्रोशित हो गईं। प्रिंसिपल के अनुसार, पीटीआई स्कूल की छत पर जाते समय चपरासी से यह कहकर निकलीं कि "मैडम को बोल देना, मैं सुसाइड कर रही हूं।" चूंकि प्रिंसिपल स्वयं पैर से दिव्यांग होने के कारण छत पर जाने में असमर्थ थीं, उन्होंने तुरंत अन्य स्टाफ को भेजा जिन्होंने समझा-बुझाकर टीचर को नीचे उतारा।

इधर, फिजिकल टीचर ने अपना पक्ष रखते हुए इन सभी आरोपों को झूठा करार दिया है। टीचर का दावा है कि विवाद की असली वजह स्कूल परिसर से पीपल, नीम और शहतूत के हरे पेड़ों को कटवाना था। उन्होंने प्रिंसिपल द्वारा किए गए इस वृक्षारोपण विरोधी कार्य का कड़ा विरोध किया था, जिसके बाद से ही उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। सुसाइड के प्रयास पर सफाई देते हुए टीचर ने कहा कि नोटिस मिलने के बाद वे अत्यधिक भावुक हो गई थीं और रोने लगी थीं। वे केवल इसलिए बालकनी में जाकर खड़ी हुई थीं ताकि बच्चे और सहकर्मी उन्हें रोते हुए न देखें, लेकिन इसे सुसाइड का प्रयास बताकर थाने में झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। वर्तमान में शिक्षा विभाग और पुलिस दोनों ही इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं।

Pratahkal HQ

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