उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले में स्कूली छात्राओं के साथ राह चलते अश्लील हरकतें करने और उन्हें प्रताड़ित करने के गंभीर मामले में न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया है। ओगणा थाना क्षेत्र के इस प्रकरण में संलिप्त चारों आरोपियों को अदालत ने दोषी करार देते हुए उन पर आर्थिक दंड आरोपित किया है।

प्रकरण की पृष्ठभूमि 13 फरवरी 2024 की है, जब एक पीड़िता के पिता ने ओगणा थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 12 फरवरी को अपराह्न करीब साढ़े चार बजे स्कूल की छुट्टी के बाद उनकी पुत्री अपनी दो सहेलियों के साथ वाहन में पेट्रोल भराने के लिए ओगणा पेट्रोल पंप जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में भट्टवाडा बडले के समीप आरोपी जावेद मोहम्मद ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ कार से उनका पीछा किया और छात्राओं की गाड़ी रुकवा दी। आरोपियों ने करीब एक घंटे तक छात्राओं का रास्ता रोककर उनके साथ अश्लील हरकतें की और उन्हें बुरी तरह परेशान किया। घटना से भयभीत नाबालिग पुत्री ने घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज किया।

ओगणा थानाधिकारी ने कार्रवाई करते हुए ओगणा निवासी जावेद पुत्र जब्बार अहमद, कोल्यारी फलासिया निवासी अहमद फराज पुत्र अली मोहम्मद, शाहरूख पुत्र दिलावार और तौफिक पुत्र मेहबूब को गिरफ्तार किया। पुलिस ने गहन जांच के बाद चारों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (भादसं) और पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक पूनमचंद मीणा ने अभियोजन पक्ष का पक्ष रखते हुए 16 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 24 महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए।

साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद, पोक्सो कोर्ट-1 के पीठासीन अधिकारी अरुण जैन ने चारों आरोपियों को दोषी पाया। न्यायालय ने आरोपी जावेद, अहमद, शाहरूख और तौफिक को भादसं की धारा 341 के तहत 500-500 रुपये और धारा 506 के तहत 1-1 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला समाज में महिला सुरक्षा और कानून के प्रति जवाबदेही को रेखांकित करता है।

Pratahkal HQ

Pratahkal HQ

Next Story