उदयपुर: आरटीओ इंस्पेक्टर की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री मामले में चार गिरफ्तार
सुखेर थाना पुलिस ने हवाला खुर्द में फर्जी मालिक और गवाह खड़े कर भूखंड हड़पने के आरोपी तरुण दीप सिंह सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया।

उदयपुर की सुखेर थाना पुलिस ने सीकर में तैनात आरटीओ इंस्पेक्टर की जमीन पर किसी फर्जी महिला और पुरुष को खड़ा कर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करवाने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मनवीन्दर पाल पुत्री स्व. हरभजन बत्रा निवासी सेक्टर 11 ने इस संबंध में मामला दर्ज करवाया था। रिपोर्ट के मुताबिक उनके स्वर्गीय भाई तेजविन्द्र पाल व माता राजेन्द्र कौर का हवाला खुर्द में एक भूखण्ड स्थित है।
घटना का खुलासा और धोखाधड़ी का तरीका
शिकायतकर्ता ने बताया कि 1 मार्च को सुबह करीब 10 बजे जब उन्होंने प्लॉट पर जाकर देखा तो मेन गेट पर लगा ताला टूटा हुआ था और वहां किसी ने दूसरा ताला लगा रखा था। गेट पर कैलाश गुर्जर के नंबर लिखे थे, जिस पर फोन कर बात करने पर कैलाश गुर्जर ने कहा कि उसने यह प्लॉट तरुण दीप सिंह पुत्र चरणजीत सिंह एमबी कॉलेज से खरीदा है। कैलाश गुर्जर द्वारा दिखाए गए दस्तावेजों से पता चला कि तरुण दीप सिंह ने जानबूझकर किसी फर्जी महिला व पुरुष को शिकायतकर्ता की माता व भाई बनाकर अपने नाम से 11 फरवरी को पावर ऑफ अटॉर्नी बनवा ली थी।
फर्जी गवाहों और आरोपियों की भूमिका
"इसी फर्जी पावर के आधार पर कैलाश गुर्जर को रजिस्ट्री करवा दी गई।" पावर ऑफ अटॉर्नी में माता व भाई की फर्जी पहचान गवाह दीपसिंह राव व अरविन्द शर्मा, सुरेश चन्द्र शर्मा ने की है। इसके अतिरिक्त रजिस्ट्री की प्रक्रिया में गवाही गोपाल भील व लोकेश मेघवाल द्वारा दी गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में लोकेश पुत्र स्व. छोगालाल निवासी जगत कुराबड, तरुण दीप सिंह पुत्र स्व. चरणजीत सिंह निवासी सिख कॉलोनी, दीपक पुत्र पुरुषोत्तम निवासी आजाद नगर और अरविन्द पुत्र सुरेशचंद्र निवासी सविना को गिरफ्तार कर लिया है।

Pratahkal Bureau
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