राजस्थान साहित्य अकादमी: बाल श्रम पर आधारित उपन्यास 'पहल' का लोकार्पण
वरिष्ठ साहित्यकार तरुण कुमार दाधीच की 25वीं कृति का विमोचन; अकादमी सचिव डॉ. बसंत सिंह सोलंकी ने बाल साहित्य की सामाजिक प्रासंगिकता पर दिया जोर।

उदयपुर। राजस्थान साहित्य अकादमी के तत्वावधान में वरिष्ठ बाल साहित्यकार तरुण कुमार दाधीच की 25वीं गौरवमयी कृति, बाल उपन्यास 'पहल' का लोकार्पण शुक्रवार को अकादमी के पुस्तकालय सभागार में गरिमामय समारोह के साथ संपन्न हुआ। विश्व श्रमिक दिवस के विशेष अवसर पर आयोजित इस विमोचन कार्यक्रम ने पुस्तक की प्रासंगिकता को वैश्विक पटल पर रेखांकित किया, क्योंकि यह उपन्यास 'बाल श्रम' जैसी गंभीर और मर्मस्पर्शी सामाजिक समस्या पर केंद्रित है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अकादमी के सचिव डॉ. बसंत सिंह सोलंकी ने बाल साहित्य की महत्ता पर विशेष बल दिया। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में बच्चों के लिए ऐसी उत्कृष्ट रचनाओं की महती आवश्यकता है जो समाज की कड़वी सच्चाइयों और वास्तविक समस्याओं को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ उनके समक्ष प्रस्तुत कर सकें। 'पहल' उपन्यास न केवल तरुण कुमार दाधीच के लेखन करियर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, बल्कि यह बाल मन को सामाजिक चेतना से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस लोकार्पण ने साहित्य जगत में बाल श्रम के विरुद्ध एक नई वैचारिक क्रांति का सूत्रपात किया है, जो भावी पीढ़ी को जागरूक करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

