उदयपुर संभाग में शारीरिक शिक्षकों की पदोन्नति पर उठे सवाल, संघ ने की निष्पक्ष समीक्षा की मांग
उदयपुर संभाग में शारीरिक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे हैं। संघ ने नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए पदस्थापन आदेशों की समीक्षा की मांग की है और आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

उदयपुर संभाग में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की पदोन्नतियों को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ ने पदोन्नति प्रक्रिया में कथित विसंगतियों का आरोप लगाते हुए शिक्षा विभाग के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संघ का कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना वरिष्ठ शारीरिक शिक्षकों को यथास्थान कार्यग्रहण के निर्देश जारी कर दिए गए, जिससे पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों के हित प्रभावित हुए हैं।
संघ के अनुसार वर्ष 2025-26 में शारीरिक शिक्षक तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी पदोन्नति के बाद निदेशालय के निर्देशानुसार काउंसलिंग प्रक्रिया आयोजित कर वरिष्ठ शारीरिक शिक्षकों को नियुक्तियां दी जानी थीं। हालांकि, संघ का आरोप है कि इस प्रक्रिया से पहले ही उदयपुर संयुक्त निदेशक कार्यालय द्वारा उदयपुर संभाग के 199 वरिष्ठ शारीरिक शिक्षकों को यथास्थान कार्यग्रहण करने के निर्देश जारी कर दिए गए, जबकि निदेशक माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर की ओर से इस संबंध में कोई लिखित आदेश अथवा निर्देश जारी नहीं किया गया था।
संघ ने बताया कि निदेशक माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर द्वारा 9 जून 2026 को पदोन्नति में चयनित कार्मिकों की चयन सूचियां जारी करने के निर्देश दिए गए थे तथा 9 जून से 24 जून 2026 तक काउंसलिंग का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उदयपुर संभाग में 199 पदों पर पदोन्नति के लिए रिक्त पदों की सूची 125 प्रतिशत के आधार पर लगभग 250 रिक्तियों सहित प्रदर्शित की जानी चाहिए थी, ताकि पदोन्नति प्राप्त वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक अपनी सुविधा और निकटतम स्थान के अनुसार पदस्थापन का विकल्प चुन सकें।
राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री डॉ. भेरू सिंह राठौड़ ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा से मांग की है कि उदयपुर संभाग में जारी किए गए पदस्थापन आदेशों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए तथा नियमानुसार आवश्यक संशोधन किए जाएं। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि किसी स्तर पर प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए और शारीरिक शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मामले को लेकर संघ ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है। डॉ. राठौड़ ने कहा कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो उदयपुर संभाग के शारीरिक शिक्षक 22 जून से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश संरक्षक हीरालाल सुथार, प्रदेश संगठन मंत्री हरीश चंद्र जोशी, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपा झाला, प्रदेश संयुक्त मंत्री विजय लाल मेनारिया, उदयपुर जिला अध्यक्ष गोवर्धन सिंह झाला, चित्तौड़गढ़ जिला अध्यक्ष चंद्रकांत शर्मा सहित उदयपुर संभाग के विभिन्न जिलों के अनेक शारीरिक शिक्षक उपस्थित रहे। यह मामला अब शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई और पदोन्नति प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर महत्वपूर्ण बन गया है।

Pratahkal Bureau
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