वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती और हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सार्द्ध चतुःशती उत्सव के लिए उदयपुर स्थित प्रताप गौरव केन्द्र 'राष्ट्रीय तीर्थ' पूरी तरह से तैयार होकर दमकने लगा है। अरावली की पर्वतमालाओं की गोद में स्थित 25 बीघा में फैले इस विशाल परिसर का कोना-कोना विशेष रंगरोगन से निखर उठा है, जबकि परिसर की प्राकृतिक सुंदरता को और अधिक समृद्ध करने के लिए यहाँ लगे 40 हजार छोटे-बड़े विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों की क्यारियों और गमलों को सुनियोजित ढंग से संवारा जा रहा है।

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति द्वारा संचालित प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि महाराणा प्रताप के हल्दीघाटी युद्ध विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इस वर्ष का संयोग अत्यंत गौरवशाली है, क्योंकि 18 जून को हल्दीघाटी विजय दिवस से ठीक एक दिन पूर्व ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया की तिथि है, जिस पर महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था। तदनुसार, संपूर्ण देश 17 जून को महाराणा प्रताप जयंती मनाएगा। इसी दिन प्रताप गौरव केन्द्र के तत्वावधान में आयोजित हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतुःशती उत्सव का भव्य समापन भी होगा।

उत्सव की व्यापकता को रेखांकित करते हुए समिति के महामंत्री दीपक कुमार शुक्ल ने बताया कि 17 जून को उदयपुर के महाराणा भूपाल स्टेडियम, गांधी ग्राउण्ड में प्रातः 9 बजे से एक विशाल राष्ट्र चेतना संकल्प सभा का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में मेवाड़-वागड़ सहित राजस्थान और देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथियों का आगमन होगा। इस विशाल सभा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत संबोधित करेंगे, जिसके निमित्त प्रशासनिक और सांगठनिक स्तर पर जोर-शोर से तैयारियां जारी हैं।

उत्सव के क्रम में पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रमुखता से दिया जा रहा है। कार्यक्रम संयोजक सीए महावीर चपलोत ने जानकारी दी कि रविवार को प्रताप गौरव केन्द्र में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें महाराणा प्रताप के पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण में योगदान पर मंथन किया जाएगा। इस अवसर पर केन्द्र परिसर में मेवाड़ के अरावली क्षेत्र की मूल वनस्पतियों, जिनमें नीम, गूलर, पलाश, कड़ाया, महुआ, देसी सागवान, गुग्गल और सेमल जैसे महत्वपूर्ण वृक्षों का रोपण भी किया जाएगा। यह आयोजन न केवल इतिहास के स्मरण का माध्यम है, बल्कि राष्ट्र चेतना और प्रकृति के प्रति समर्पण का प्रतीक बनकर उभरेगा।

Vikas Chawada (Udaipur)

Vikas Chawada (Udaipur)

नाम: विकास चावड़ा

वर्तमान पद: संवाददाता (दैनिक प्रातःकाल, फतहनगर क्षेत्र)

कार्यक्षेत्र: फतहनगर, तहसील: मावली, जिला: उदयपुर (राजस्थान)

अनुभव: साल 2020 से लगातार सक्रिय

बीट और मुख्य विषय 

  • स्थानीय समाचार: तहसील मावली के विभिन्न गांवों सहित फतहनगर-सनवाड़ पालिका क्षेत्र के स्थानीय समाचारों की नियमित कवरेज।
  • राजनैतिक एवं क्राइम: क्षेत्र की राजनीतिक हलचल, कानून-व्यवस्था और अपराध से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग।
  • जन समस्याएं व समसामयिक विषय: स्थानीय नागरिकों की समस्याएं, बुनियादी सुविधाएं और समसामयिक मुद्दों पर नियमित लेखन व रिपोर्टिंग।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

हायर सेकेंडरी

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