उदयपुर में प्रारंभिक शिक्षा के शारीरिक शिक्षकों की जिला स्तरीय संगोष्ठी संपन्न, कार्यकारिणी का कार्यकाल बढ़ा, खिलाड़ियों के आरक्षण पर उठी बड़ी मांग
उदयपुर में प्रारंभिक शिक्षा के शारीरिक शिक्षकों की जिला स्तरीय संगोष्ठी में कार्यकारिणी का कार्यकाल बढ़ा, खिलाड़ियों के आरक्षण और खेल प्रमाण पत्रों को लेकर अहम निर्णय लिए गए।

तस्वीर में गोगुंदा में आयोजित जिला स्तरीय शारीरिक शिक्षक संगोष्ठी के मंच पर अतिथियों एवं प्रतिनिधियों को साफा पहनकर बैठे हुए देखा जा सकता है।
उदयपुर में "स्वस्थ तन, स्वस्थ मन, सशक्त राष्ट्र" की थीम पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के निर्देश एवं जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा उदयपुर के आदेश पर प्रारंभिक शिक्षा के शारीरिक शिक्षकों की दो दिवसीय जिला स्तरीय सत्रारम्भ संगोष्ठी (वाक्पीठ) गुरुवार को गोगुंदा स्थित बादल रिज़ॉर्ट में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय ओबरा खुर्द (गोगुन्दा) के तत्वावधान में संपन्न हुई। संगोष्ठी के समापन समारोह के मुख्य अतिथि कांग्रेस के देहात जिला उपाध्यक्ष नारायण लाल पालीवाल रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता गोगुंदा ब्लॉक के अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गणपत पालीवाल ने की।
कार्यक्रम में उप जिला शिक्षा अधिकारी शारीरिक शिक्षा लक्ष्मण दास वैष्णव, राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद के उदयपुर जिला खेल अधिकारी महेश पालीवाल, शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष धूमल भाटी, शिक्षक नेता लच्छीराम गुर्जर, पंचायती राज शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान, प्रबोधक संघ एवं एकीकृत महासंघ के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह सारंगदेवोत, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कपिल श्रीमाली, कला आश्रम आयर्वेद अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज की डिप्टी मेडिकल सुप्रीडेंट संगीता भटनागर, चिकित्सक मनोज मधुनिया, प्रारंभिक शिक्षा शारीरिक शिक्षक वाक्पीठ के सभाध्यक्ष महावीर सिंह झाला, जिलाध्यक्ष विजय लाल मेनारिया, जिला सचिव जगन्नाथ सिंह चुंडावत, उपाध्यक्ष प्रवीण जैन, राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री भेरू सिंह राठौड़, जिलाध्यक्ष गोवर्धन झाला, प्रारंभिक शिक्षा खेलकूद संचालन समिति के प्रभारी युगल किशोर शर्मा, आयोजक विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के गोगुंदा ब्लॉक अध्यक्ष भवानी शंकर पालीवाल, जसवंत सिंह पंवार, वासुदेव चौबीसा, हनुमंत रावल, दिलीप भाणावत, मोतीलाल वैष्णव, नवीन व्यास, सतीश जैन तथा राजपूत करणी सेना के नीलम सिंह सहित अनेक अतिथि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर इसी सत्र में सेवानिवृत्त होने वाले शारीरिक शिक्षक लाल बहादुर शास्त्री एवं अंजना व्यास का सम्मान किया गया। साथ ही विभिन्न राजकीय विद्यालयों में पाठ्य सामग्री, स्वेटर वितरण तथा अन्य विद्यालयी सुविधाएं उपलब्ध कराने में भामाशाह एवं प्रेरक की भूमिका निभाने वाले शिक्षक प्रकाश सुथार को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शारीरिक शिक्षक केवल खेलकूद गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं के संचालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा विभाग की समस्त योजनाओं को धरातल पर उतारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला मीडिया प्रभारी गोपाल लाल मेहता ने बताया कि मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के बाद गोगुंदा ब्लॉक अध्यक्ष मदन सुथार के नेतृत्व में भामाशाह द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्मृति चिन्ह, सूरजकुंड के पीठाधीश्वर अवधेशानंद जी महाराज की तस्वीर, डायरी एवं पेन भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कला आश्रम आयुर्वेदिक हॉस्पिटल एवं मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक दल ने सीपीआर देने का डेमो भी प्रस्तुत किया।
खुले सत्र में शारीरिक शिक्षक गोपाल लाल मेहता ने कई विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों का नाम विद्यालय उपस्थिति पंजिका में लिखते समय वरिष्ठता का पालन नहीं किए जाने तथा सबसे अंत में नाम दर्ज किए जाने का मुद्दा उठाया। इस पर उपस्थित सभी शारीरिक शिक्षकों ने विभाग से स्पष्ट एवं आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
कार्यक्रम का संचालन यशवंत शास्त्री एवं रामलाल मेघवाल ने किया। गोपाल लाल मेहता ने वाक्पीठ का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, वॉलीबॉल खेल में हुए नवाचारों पर जानकारी दी, जबकि जूडो विषय पर सुनंदा ने वार्ता प्रस्तुत की। वाक्पीठ के अंतिम सत्र में सभाध्यक्ष महावीर सिंह झाला एवं सचिव जगन्नाथ सिंह चुंडावत ने वर्तमान वाक्पीठ कार्यकारिणी का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव पर सदन में लंबी चर्चा एवं विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष धूमल भाटी ने राज्य सरकार से मांग की कि खिलाड़ियों की सरकारी भर्तियों में दो प्रतिशत आरक्षण के कोटे में स्कूल नेशनल में पदक विजेता खिलाड़ियों को भी शामिल किया जाए। वहीं जिला खेलकूद संचालन समिति के प्रभारी युगल किशोर शर्मा ने जिला एवं राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का कैलेंडर जारी होने की जानकारी देते हुए बताया कि शारीरिक शिक्षकों की खेल प्रतियोगिताओं में ड्यूटी लगेगी, लेकिन यदि इस सत्र में पंचायत एवं निकाय चुनाव के दौरान किसी शिक्षक की चुनाव कार्य में ड्यूटी लगती है तो चुनाव कार्य को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने बताया कि आयोजक विद्यालय की मैपिंग के बाद खिलाड़ियों के ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी। साथ ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के प्रमाण पत्रों पर संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं जिला शिक्षा अधिकारी के काउंटर हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। खेल प्रमाण पत्र अंग्रेजी में भरे जाने तथा ऑनलाइन फॉर्म के अनुरूप ही तैयार किए जाने के निर्देश भी दिए गए। धन्यवाद एवं आभार ज्ञापन तथा राष्ट्रगान के साथ दो दिवसीय जिला स्तरीय संगोष्ठी का समापन हुआ।

Pratahkal Bureau
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