उदयपुर: कलेक्ट्रेट पर पेंशनर्स का प्रदर्शन, 'काला दिवस' मनाकर सौंपा ज्ञापन
राजस्थान पेंशनर समाज ने नए नियमों को भेदभावपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया और आगामी वेतन आयोग में समानता की मांग की।

उदयपुर(नगर संवाददाता)। जिला कलेक्ट्रेट पर बुधवार को बुजुर्गों का गुस्सा फूट पड़ा और उसके बाद जिला कलेक्ट्रेट पर इकठ्ठा होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पेंशनर्स हाथ में तख्तियां लिए हुए थे और उसमें लिखा हुआ था कि सरकार अब उनके बुढ़ापे की लाठी छीनने की कोशिश कर रही है। राजस्थान पेंशनर समाज के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन के बाद पेंशनर्स द्वारा जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के आह्वान पर उदयपुर में भी बुधवार को 'काला दिवस' मनाया गया।
पेंशनर्स में भारी आक्रोश और भेदभाव का आरोप
जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन करने के बाद पेंशनर्स ने कहा कि यह कानून पेंशनर्स के बीच दीवार खड़ी कर रहा है। जो लोग पहले रिटायर हो चुके हैं, उन्हें नए नियमों की वजह से पूरा फायदा नहीं मिलेगा। पेंशनर समाज के उदयपुर यूनिट अध्यक्ष भंवर सेठ ने दो टूक शब्दों में कहा कि "पेंशन कोई खैरात नहीं है, बल्कि सालों की मेहनत का फल है।" उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों की याद दिलाते हुए कहा कि "पेंशन सम्मान से जीने का आधार है, इसमें भेदभाव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
समान लाभ और भविष्य के आंदोलन की चेतावनी
पेंशनर्स ने मांग की कि जिस प्रकार सातवें वेतन आयोग में पेंशनर्स के बीच समानता का सिद्धांत लागू किया गया था, उसी तरह आगामी वेतन आयोग में भी यह व्यवस्था बरकरार रखी जाए, ताकि सभी पेंशनभोगियों को समान लाभ मिल सके। पेंशनर्स ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी और इस 'काले कानून' को वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज होगा। बुजुर्गों का कहना है कि "वो आखिरी दम तक अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे।"

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
