उदयपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के स्तर को सुधारने और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की गतिविधियों को गति देने हेतु प्रशासनिक सक्रियता तेज हो गई है। इसी क्रम में, अतिरिक्त आयुक्त एवं संयुक्त शासन सचिव (प्रथम), पंचायती राज विभाग, जयपुर, ब्रजेश कुमार चंदोलिया ने सोमवार को उदयपुर की पंचायत समिति गिर्वा के अंतर्गत ग्राम पंचायत काया का सघन निरीक्षण किया। चंदोलिया ने धरातल पर स्वच्छता कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों में स्वच्छता केवल कागजों तक सीमित न रहकर पूर्णतः दृश्यमान होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान संयुक्त शासन सचिव ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत संचालित विभिन्न गतिविधियों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने घर-घर कचरा संग्रहण की प्रभावशीलता, सार्वजनिक चौराहों एवं मुख्य सड़कों की नियमित सफाई, तथा सामुदायिक शौचालयों एवं पिंक टॉयलेट की स्वच्छता स्थिति पर विशेष बल दिया। इसके अतिरिक्त, गांव की नालियों की सफाई, गंदे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और कचरे के पृथक्करण (सेग्रीगेशन) कर उसके उचित प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि कचरा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित होनी चाहिए ताकि पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को कोई नुकसान न हो।

चंदोलिया ने स्वच्छता क्लस्टर प्रभारियों और ब्लॉक समन्वयकों को कार्य के प्रति जवाबदेह बनाते हुए निरंतर फील्ड निरीक्षण के निर्देश दिए। सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने अधिकारियों को जनजागरूकता अभियान चलाने और प्रतिमाह ग्राम स्वच्छता दल की अनिवार्य बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय दुकानदारों को प्लास्टिक का उपयोग पूर्णतः बंद करने के लिए पाबंद किया जाए। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण कार्यक्रम में गिर्वा के विकास अधिकारी अजीत कुमार मीणा, सहायक अभियंता सुरेंद्र सिंह राव, जिला स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण प्रभारी यशवंत पूर्बीया, गिर्वा ब्लॉक प्रभारी संजय राव, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर चैतन्य प्रकाश दाधीच एवं ग्राम विकास अधिकारी हेमंत कुमार जैन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। यह निरीक्षण भविष्य में ग्रामीण स्वच्छता प्रबंधन के मानकों को और अधिक प्रभावी बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Pratahkal HQ

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