उदयपुर में पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण में 63.81% मतदान, नाई में सबसे ज्यादा वोटिंग
उदयपुर जिले की 10 पंचायत समितियों में मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ, जहां नाई समिति 79% मतदान के साथ शीर्ष पर रही।

उदयपुर पंचायतीराज चुनाव 2026 के प्रथम चरण के मतदान के दौरान मतदान केंद्र पर बनाए गए सेल्फी पॉइंट पर अपनी उंगली पर स्याही का निशान दिखाकर लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करते मतदाता।
उदयपुर, 22 अक्टूबर। पंचायतीराज चुनाव 2026 के प्रथम चरण में गुरुवार को उदयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं ने उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया। गांव की सरकार चुनने के लिए सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही शुरू हो गई। जिले की 10 पंचायत समितियों में जिला परिषद के 25 निर्वाचन क्षेत्रों और पंचायत समिति सदस्यों के 160 वार्डों के लिए मतदान शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न हुआ। शाम 6 बजे तक जिले में कुल 63.81 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पंचायत समिति नाई में सर्वाधिक 79 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि मावली में सबसे कम 55.32 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले।
जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल एवं जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहान के निर्देशन में प्रथम चरण की मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई गई। जिले की पंचायत समिति गिर्वा, नाई, झाड़ोल, फलासिया, मावली, वल्लभनगर, भींडर, घासा, ओगणा तथा कुराबड़ में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए मतदान हुआ। जिला परिषद सदस्य पद के लिए 65 प्रत्याशी और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए 435 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
सुबह से मतदान केंद्रों पर रही मतदाताओं की भीड़
प्रथम चरण के मतदान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही उत्साहपूर्ण माहौल रहा। मतदाता अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करते नजर आए। सुबह 10 बजे तक जिले में 10.95 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दोपहर 1 बजे तक मतदान का आंकड़ा बढ़कर 34.94 प्रतिशत पहुंच गया। अपराह्न 3 बजे तक 48.86 प्रतिशत और शाम 6 बजे तक 63.81 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। शुरुआती घंटों के बाद मतदान प्रतिशत में लगातार हुई बढ़ोतरी ने ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाया।
सुबह 10 बजे तक वल्लभनगर में सर्वाधिक मतदान
मतदान के शुरुआती तीन घंटों के आंकड़ों के अनुसार सुबह 10 बजे तक वल्लभनगर पंचायत समिति क्षेत्र में सर्वाधिक 15.30 प्रतिशत मतदान हुआ। गिर्वा में 15.10 प्रतिशत, नाई में 14.79 प्रतिशत, ओगणा में 13.76 प्रतिशत, मावली में 12.50 प्रतिशत और झाड़ोल में 10.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं घासा में 9.46 प्रतिशत, फलासिया में 8.88 प्रतिशत, कुराबड़ में 7.10 प्रतिशत और भींडर में 5.73 प्रतिशत मतदान हुआ।
दोपहर 1 बजे नाई पंचायत समिति में 52 प्रतिशत मतदान
दोपहर 1 बजे तक पंचायत समिति नाई में सर्वाधिक 52 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस दौरान फलासिया में 42.15 प्रतिशत, गिर्वा में 40.84 प्रतिशत, ओगणा में 38.23 प्रतिशत और झाड़ोल में 37.53 प्रतिशत मतदान हुआ। घासा में 33.66 प्रतिशत, मावली में 33.40 प्रतिशत, कुराबड़ में 32 प्रतिशत, वल्लभनगर में 30.14 प्रतिशत और भींडर में 23 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
अपराह्न 3 बजे तक जिले में 48.86 प्रतिशत मतदान
अपराह्न 3 बजे तक उदयपुर जिले में कुल 48.86 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। पंचायत समिति भींडर में 40.79 प्रतिशत, घासा में 46.62 प्रतिशत, गिर्वा में 53.27 प्रतिशत, झाड़ोल में 51.26 प्रतिशत, कुराबड़ में 44.26 प्रतिशत और मावली में 45.54 प्रतिशत मतदान हुआ। इसी तरह नाई में 63.40 प्रतिशत, ओगणा में 57.12 प्रतिशत, फलासिया में 57.26 प्रतिशत और वल्लभनगर में 43.15 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
शाम 6 बजे तक नाई में 79 प्रतिशत मतदान
शाम 6 बजे तक जारी मतदान के आंकड़ों में पंचायत समिति नाई 79 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे रही। झाड़ोल में 73.50 प्रतिशत, फलासिया में 71 प्रतिशत और गिर्वा में 68.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। ओगणा में 61.93 प्रतिशत, घासा में 61.05 प्रतिशत, वल्लभनगर में 60.91 प्रतिशत और भींडर में 59.93 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। कुराबड़ में 57.14 प्रतिशत तथा मावली में 55.32 प्रतिशत मतदान हुआ। इस तरह प्रथम चरण में जिले का कुल मतदान प्रतिशत 63.81 रहा।
प्रशासन और पुलिस ने संभाली व्यवस्था
मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक एवं पुलिस अमला पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल और जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहान के निर्देशन में मतदान केंद्रों पर निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के साथ कानून एवं शांति व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया के दौरान सुव्यवस्थित व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन सतर्क रहा।
पहली बार मतदान करने पहुंचे युवाओं में उत्साह
पंचायतीराज चुनाव के प्रथम चरण में पहली बार मतदान करने वाले युवा मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। गांव की सरकार चुनने के लिए पहली बार मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचे युवाओं के चेहरों पर खुशी और गर्व के भाव दिखाई दिए। युवा मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक मतदान कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। पहली बार वोट डालने का रोमांच और गांव के विकास में भूमिका निभाने का उत्साह मतदान केंद्रों पर स्पष्ट नजर आया।
बुजुर्ग मतदाताओं ने भी निभाई जिम्मेदारी
मतदान के प्रति समर्पण का उदाहरण पेश करते हुए उम्र के अंतिम पड़ाव पर पहुंचे बुजुर्ग मतदाताओं ने भी मतदान केंद्रों तक पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उम्र संबंधी परेशानियों के बावजूद उन्होंने गांव की सरकार चुनने में भागीदारी निभाई और लोकतांत्रिक कर्तव्य का निर्वहन किया। बुजुर्ग मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने में उम्र बाधा नहीं बनती।
दिव्यांग और बीमार मतदाताओं ने भी डाले वोट
प्रथम चरण के मतदान में दिव्यांग और बीमार मतदाताओं ने भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। शारीरिक चुनौतियों के बावजूद दिव्यांग मतदाताओं ने मतदान कर लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। कई स्थानों पर गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मतदाता भी बूथों तक पहुंचे। गोटिपा निवासी संतोष कुंवर गंभीर रूप से अस्वस्थ हैं और डायलिसिस पर हैं। इसके बावजूद उन्होंने मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उनका मतदान के प्रति संकल्प इस बात को रेखांकित करता है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्येक मत महत्वपूर्ण है।
आदर्श मतदान केंद्रों पर सुविधाओं से मिली राहत
पंचायतीराज चुनाव 2026 के प्रथम चरण में आदर्श मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। केंद्रों पर छाया, बैठने की व्यवस्था और शुद्ध पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के माकूल इंतजाम रहे। इन व्यवस्थाओं से मतदान के लिए पहुंचे बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य मतदाताओं को राहत मिली। बेहतर सुविधाओं के चलते मतदाता सहज वातावरण में अपने मताधिकार का उपयोग कर सके।
एनएसएस और स्काउट स्वयंसेवकों ने की मतदाताओं की मदद
मतदान के दौरान एनएसएस एवं स्काउट स्वयंसेवकों ने सेवा और समर्पण का परिचय दिया। मतदान केंद्रों पर तैनात स्वयंसेवकों ने मतदाताओं की सहायता की और विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंद लोगों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग किया। उनकी तत्परता से मतदाताओं को सुविधा मिली और मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने में मदद मिली। लोकतंत्र के इस महापर्व में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
उदयपुर जिले में पंचायतीराज चुनाव के प्रथम चरण में मतदान के आंकड़ों के साथ युवाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और गंभीर रूप से बीमार मतदाताओं की भागीदारी भी सामने आई। जिले की 10 पंचायत समितियों में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई मतदान प्रक्रिया में शाम 6 बजे तक 63.81 प्रतिशत मतदान दर्ज होना ग्रामीण मतदाताओं की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी को दर्शाता है।

Vishnu Lohar, Jhadol
नाम: विष्णु लोहार
वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल, झाड़ोल)
कार्यक्षेत्र: झाड़ोल, उदयपुर (राजस्थान) - मुख्य रूप से झाड़ोल और गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र एवं आसपास का ग्रामीण अंचल
अनुभव: करीब 10 वर्ष
बीट और विशेषज्ञता
- स्थानीय एवं ग्रामीण समाचार: झाड़ोल व गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र, ग्रामीण पंचायतों, सामाजिक गतिविधियों तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की नियमित कवरेज।
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
- वाणिज्य स्नातक (B.Com)
- वाणिज्य स्नातकोत्तर (M.Com)
- B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
- BSTC (बेसिक स्कूल टीचिंग सर्टिफिकेट)
