अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकारों और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सर्व ओबीसी समाज महापंचायत ट्रस्ट ने बुधवार को राज्य सरकार की अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के समक्ष अपनी मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। जिला परिषद सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान ओबीसी समाज के प्रतिनिधियों ने समाज के विकास में आ रही बाधाओं और लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से तत्काल ठोस कदम उठाने की अपील की।

महापंचायत के महामंत्री सूर्यप्रकाश सुहालका और उपाध्यक्ष पीएस पटेल के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने समिति के सभापति नरेश बुढ़ानिया का अभिनंदन किया और ओबीसी समाज की समस्याओं से उन्हें रूबरू कराया। ट्रस्ट के प्रवक्ता नरेश पूर्बिया ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में भेरूलाल कलाल, रमिला पंचाल, भेरूलाल भोई और बालकृष्ण सुहालका जैसे प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के दौरान चर्चा का मुख्य केंद्र टीएसपी (TSP) क्षेत्र में मंडल आयोग की सिफारिशों के अनुरूप ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ पुनः बहाल करना रहा। प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार ओबीसी वर्ग को उनका हक मिलना अनिवार्य है।

ज्ञापन के माध्यम से समाज ने कई व्यावहारिक और नीतिगत सुधारों की मांग की है। इसमें ओबीसी जाति प्रमाण पत्र की वैधता को वर्तमान 5 वर्ष से बढ़ाकर 7 वर्ष करने और क्रीमी लेयर की आय सीमा को 8 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने का प्रस्ताव शामिल है। इसके अतिरिक्त, छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए ओबीसी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति हेतु पर्याप्त बजट आवंटित करने तथा संभागीय मुख्यालयों पर भव्य ओबीसी छात्रावासों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया गया। समाज ने जमीनी स्तर पर जागरूकता के लिए हर पंचायत भवन में राज्य सरकार की ओबीसी कल्याणकारी योजनाओं का विवरण प्रदर्शित करने वाला बोर्ड लगाने का भी आग्रह किया।

अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के सभापति नरेश बुढ़ानिया ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और उन्हें राज्य सरकार के समक्ष मजबूती से रखने का आश्वासन दिया। यह बैठक ओबीसी समाज के प्रति सरकार की संवेदनशीलता की परीक्षा है। समाज की यह सक्रियता आने वाले समय में नीतिगत परिवर्तनों का आधार बन सकती है, जिससे न केवल शैक्षणिक और आर्थिक बाधाएं दूर होंगी, बल्कि हाशिए पर खड़ा यह बड़ा वर्ग मुख्यधारा में अपनी भागीदारी को और अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित कर पाएगा।

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