विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत चित्तौड़गढ़ जिला निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची अद्यतन कार्य में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिले ने मात्र पाँच दिनों में 50 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं को गणना पत्र वितरित कर पूरे राजस्थान में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं 73 प्रतिशत मतदाताओं की सफल मैपिंग पूरी हो चुकी है, जिससे अब उन्हें किसी भी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी।

इस बार की प्रक्रिया में खास बात यह है कि विवाहोपरांत अपने ससुराल आई महिलाएं अब अपने पीहर की मतदाता सूची में माता-पिता के नाम बड़ी सहजता से खोज पा रही हैं। जिला निर्वाचन विभाग ने इसके लिए न केवल तकनीकी सहयोग बढ़ाया है, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता को भी प्राथमिकता दी है। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें वर्ष 2002 की मतदाता सूचियां उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि पुराने अभिलेखों के आधार पर पहचान सुनिश्चित की जा सके।

ग्रामीण क्षेत्रों में यह व्यवस्था विशेष रूप से कारगर सिद्ध हो रही है। अब महिलाओं को अपने गांव या मोहल्ले की जानकारी मात्र देने पर बीएलओ उनके माता-पिता के नाम सूची में खोजकर मैपिंग पूर्ण कर रहे हैं। इसके लिए प्रत्येक बीएलओ के साथ एक दक्ष सहायक नियुक्त किया गया है, जो 2002 की सूची से जानकारी निकालने में तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है। इस नवाचार से कार्य में न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि प्रक्रिया की गति में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

फोटो संबंधी औपचारिकताओं में भी मतदाताओं को कोई कठिनाई नहीं हो रही है। अधिकांश परिवारों के पास पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो पहले से उपलब्ध हैं, क्योंकि वे विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में पूर्व में उपयोग किए जा चुके हैं। जहां आवश्यकता है, वहां आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से मतदाताओं को पहले ही सूचित किया गया है, जिससे वे स्वयं आवश्यक फोटो की व्यवस्था कर रहे हैं।

कोई पात्र मतदाता नहीं रहेगा वंचित

जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से कटने की संभावना पूरी तरह निराधार है। यदि किसी मतदाता या उसके परिजनों का नाम वर्ष 2002 की सूची में नहीं मिलता है, तो भी उनका गणना प्रपत्र भरा जाएगा और निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित साक्ष्यों के आधार पर उनका नाम सूची में जोड़ा जाएगा। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी पात्र मतदाता को मतदान अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा।

केवल पाँच दिनों में जिले के 73 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूर्ण होना जिले के प्रशासनिक समन्वय और जनसहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह अभियान 4 दिसंबर तक जारी रहेगा, और जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि उस समय तक शत-प्रतिशत पात्र मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा सके। यह प्रयास न केवल लोकतांत्रिक पारदर्शिता को सुदृढ़ करता है, बल्कि तकनीक और संवेदनशील प्रशासन के संगम का प्रेरक उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।

Pratahkal Bureau

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