उदयपुर। सविना ग्रामीण क्षेत्र में यूडीए (उदयपुर विकास प्राधिकरण) की जमीन पर अवैध प्लॉटिंग का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि जिन भूखंडों पर यूडीए ने हाल ही में अवैध निर्माण तोड़े, वे केवल आम लोगों ने ही नहीं बल्कि पुलिसकर्मियों, राजस्व विभाग के कर्मचारियों और अन्य सरकारी अधिकारियों ने भी खरीदे थे। विशेष बात यह रही कि इन सभी को यह भली-भांति जानकारी थी कि जमीन यूडीए के अधिकार क्षेत्र में आती है और एग्रीमेंट में न तो आराजी नंबर था और न ही खसरा नंबर — इसके बावजूद उन्होंने खरीद-फरोख्त की।

यूडीए आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि सविना ग्रामीण पंचायत के बड़ीगढ़ कोटड़ियां फलां क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान जब रिकॉर्ड खंगाले गए, तब यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। उन्होंने कहा कि अब ऐसे सभी सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की जाएगी। साथ ही, इस क्षेत्र के लिए जिम्मेदार यूडीए के पटवारी और राजस्व निरीक्षक की जवाबदेही तय की जा रही है, जिनकी लापरवाही के चलते यह अनियमितताएं संभव हुईं।

आयुक्त जैन ने स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी पद पर रहते हुए इस प्रकार की अवैध भूमि खरीद गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी ताकि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अपनी पदस्थ जिम्मेदारी से मुंह न मोड़ सके।

यूडीए की यह सख्त कार्यवाही न केवल अवैध कब्जों पर लगाम लगाने की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह उन सरकारी कर्मचारियों के लिए भी एक चेतावनी है जो अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर नियमों को दरकिनार करने की प्रवृत्ति रखते हैं। उदयपुर में यह मामला अब पारदर्शिता और जवाबदेही की नई मिसाल बनने जा रहा है।

Pratahkal Bureau

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