उदयपुर। राष्ट्र की प्रगति और उसकी अखंडता का आधार केवल नीतियों में नहीं, बल्कि उस समाज के चरित्र में निहित है जो अपने महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में उतारता है। इसी पावन ध्येय के साथ उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखंड स्थित पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान महाविद्यालय, नवानिया में स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में 'राष्ट्रीय युवा दिवस' का भव्य आयोजन किया गया। "व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण" विषय पर केंद्रित इस संगोष्ठी ने युवाओं के भीतर राष्ट्रभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व की एक नई चेतना का संचार किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम रहे, जिन्होंने अपने ओजस्वी संबोधन में स्पष्ट किया कि समाज जागरण के बिना एक सशक्त राष्ट्र की कल्पना अधूरी है।

संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए मुख्य वक्ता निम्बाराम ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की विश्वविजयी विचारधारा के निर्माण और प्रसार में राजस्थान की माटी का विशेष और ऐतिहासिक योगदान रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि विवेकानंद के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने एक शताब्दी पूर्व थे। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता, एकता और अखंडता के लिए समर्पित भाव से कार्य करना ही वर्तमान समय की सबसे बड़ी देशभक्ति है। निम्बाराम ने समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सुविधाएं पहुँचाने, सामूहिक अनुशासन, विविधता में एकता और चरित्र निर्माण पर बल देते हुए कौशल विकास के माध्यम से परंपरागत रोजगार को सशक्त बनाने की आवश्यकता प्रतिपादित की।





कार्यक्रम के दौरान वल्लभनगर विधायक उदय लाल डांगी एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा महाविद्यालय परिसर में विकास और संस्कृति के प्रतीक स्वरूप विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। इनमें 'वंदे मातरम पार्क', अदम्य साहस का प्रतीक 'चेतक अश्व की प्रतिमा', बांस से निर्मित 'बहुउपयोगी मंडपम' और महापुरुषों के प्रेरक जीवन को दर्शाती 'महापुरुष दीर्घा' शामिल रहे। इन लोकार्पणों के माध्यम से परिसर में विद्यार्थियों के लिए एक ऐसा वातावरण निर्मित करने का प्रयास किया गया है, जो उन्हें शिक्षा के साथ-साथ अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास से जोड़े रखे।

वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यार्थियों को विवेकानंद के कालजयी मंत्र "उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए" की सार्थकता समझाई। वहीं, मुख्य अतिथि एवं प्रताप गौरव केंद्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने कहा कि भारत का युवा चरित्र ही इस राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने शिकागो के ऐतिहासिक भाषण का स्मरण कराते हुए बताया कि कैसे भारत ने सदैव विश्व पटल पर शांति और सद्भाव का मार्ग प्रशस्त किया है। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. शिव शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत कर कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।

इस गरिमामयी अवसर पर विधायक उदय लाल डांगी के अतिरिक्त 2 राज आर एंड वी एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल प्रकाश कुमार, जिला संघ संचालक भरत सिंह, हिम्मत सिंह झाला, चंद्रगुप्त सिंह, हरिशंकर, भंवर भट्ट, बाबूलाल डांगी, नरेंद्र सिंह और रमेश सांगावत सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के जीवन मूल्यों पर आधारित एक विशेष पुस्तक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जो आकर्षण का केंद्र रही। वेटरनरी कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ-साथ आसपास के शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों, विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेट्स ने इस बौद्धिक समागम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन सहायक आचार्य डॉ. अभिषेक गौरव ने किया, जबकि सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. हेमंत जोशी ने अंत में सभी का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन किया। यह आयोजन केवल एक समारोह बनकर नहीं रहा, बल्कि युवाओं के लिए राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक मार्गदर्शक स्तंभ के रूप में उभरा।

Pratahkal Bureau

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