उदयपुर। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को लेकसिटी उदयपुर में मेडिकल व्यवसाय से जुड़े संचालकों ने अपनी दुकानें पूर्णतः बंद रखकर ऑनलाइन दवा बिक्री और कॉर्पोरेट कंपनियों की मनमानी के विरुद्ध जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालकों ने एक विशाल रैली का आयोजन किया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंची। इस दौरान आक्रोशित दुकानदारों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा, जिसमें ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने, कॉर्पोरेट संस्थाओं द्वारा दवाओं पर दी जा रही भारी छूट को समाप्त करने तथा नकली दवाओं के अवैध कारोबार पर नकेल कसने की पुरजोर मांग उठाई गई।

प्रदर्शन के दौरान मेडिकल स्टोर संचालक देवीलाल सालवी ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि ऑनलाइन माध्यमों से की जा रही दवाओं की बिक्री न केवल छोटे व्यापारियों का व्यवसाय समाप्त कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य मानकों के साथ भी खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छूट की आड़ में धड़ल्ले से नकली और नशीली दवाओं का कारोबार फल-फूल रहा है, जिस पर नियंत्रण आवश्यक है। सालवी ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि अनेक जीवनरक्षक दवाइयां विशिष्ट तापमान में सुरक्षित रखने योग्य होती हैं, किंतु ऑनलाइन डिलीवरी के दौरान इन मानकों की पूर्ण अनदेखी की जाती है, जो आमजन के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक सिद्ध हो सकता है। कॉर्पोरेट घरानों के एकाधिकार के चलते छोटे मेडिकल संचालकों की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि उनके समक्ष प्रतिष्ठान बंद करने तक की नौबत आ गई है।

रैली के कलेक्ट्रेट पहुंचने से पूर्व शहर के महाराणा भूपाल हॉस्पिटल के समीप उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब वहां एक मेडिकल स्टोर खुला पाया गया। प्रदर्शनकारी दुकानदारों ने एकत्रित होकर उस संचालक से प्रतिष्ठान बंद करने का आग्रह किया, जिसके परिणामस्वरूप वहां तीखी बहस हुई। हालांकि, बाद में समझाइश के माध्यम से उस मेडिकल स्टोर को भी बंद करवाकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। अपनी मांगों को लेकर मुखर हुए केमिस्टों ने चेताया है कि यदि प्रशासन ने ऑनलाइन दवा बिक्री और कॉर्पोरेट डिस्काउंट की अनुचित व्यवस्था पर अंकुश नहीं लगाया, तो भविष्य में आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।

Pratahkal HQ

Pratahkal HQ

Next Story