उदयपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के तत्वावधान में उदयपुर में मध्यस्थगण हेतु एक दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कानूनी विवादों के वैकल्पिक समाधान की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाना रहा। कार्यक्रम के दौरान मंचासीन अतिथियों में न्यायाधीश वाणिज्यिक न्यायिक एवं जज इंचार्ज मिडियेशन महेंद्र कुमार दवे, भीलवाड़ा के पॉक्सो न्यायालय क्रम संख्या 2 की न्यायाधीश अर्चना मिश्रा तथा जोधपुर की वरिष्ठ प्रशिक्षित मध्यस्थ एवं अधिवक्ता प्रमिला आचार्य सम्मिलित रहीं। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंबिका सोलंकी की भी विशेष उपस्थिति रही।

एडीजे कुलदीप शर्मा ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण सत्र के दौरान न्यायाधीश अर्चना मिश्रा और प्रमिला आचार्य ने मध्यस्थता की महत्वपूर्ण बारीकियों पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों द्वारा मध्यस्थता केंद्र में प्रकरण रेफर होने की प्रारंभिक स्थिति से लेकर उनके अंतिम निस्तारण तक की संपूर्ण प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया। प्रशिक्षण को व्यावहारिक रूप देने के लिए 'रोल प्ले' (नकल अभिनय) का भी आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से यह प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार संवाद के जरिए पक्षकारों को संतुष्ट कर प्रकरण का सफल निस्तारण किया जा सकता है। इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों सहित बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद और डूंगरपुर के चयनित अधिवक्तागण ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मध्यस्थता के कौशल सीखे। यह आयोजन विधिक क्षेत्र में आपसी समझ और सुलह के माध्यम से न्याय की अवधारणा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ है।

Pratahkal HQ

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