उदयपुर: एमबी अस्पताल में मरीज की मौत पर रेजिडेंट डॉक्टर पर हमले का प्रयास
उदयपुर के एमबी चिकित्सालय में महिला मरीज की मृत्यु के बाद परिजनों ने रेजिडेंट डॉक्टर पर हमले की कोशिश की, सुरक्षा की मांग को लेकर डॉक्टरों ने सौंपा ज्ञापन।

उदयपुर। शहर के प्रतिष्ठित एमबी चिकित्सालय में एक बार फिर चिकित्सकों की सुरक्षा दांव पर लग गई है। यहाँ मेडिकल आईसीयू में भर्ती एक महिला रोगी की उपचार के दौरान मृत्यु हो जाने से आक्रोशित परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात रेजिडेंट डॉक्टर पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमले का प्रयास किया। इस सनसनीखेज घटना के बाद संपूर्ण चिकित्सालय परिसर में रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच भारी आक्रोश व्याप्त है, जिसके चलते चिकित्सकों ने कार्यस्थल पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था और आरोपियों के खिलाफ कठोर विधिक कार्यवाही की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जीबीएस (गुइयां-बेरे सिंड्रोम) जैसी अत्यंत जटिल और गंभीर बीमारी से ग्रसित आफरीन, पत्नी मोहम्मद फारूख, का मेडिकल आईसीयू में उपचार चल रहा था। उपचार के दौरान डॉ. हंसराज गुर्जर ने परिजनों को महिला की अत्यंत क्रिटिकल स्थिति के बारे में समय-समय पर सूचित किया था। डॉ. गुर्जर के मुताबिक, दिन में दो बार महिला की स्थिति बिगड़ी थी, जिसे चिकित्सकों ने सीपीआर देकर और पल्स वापस लाकर नियंत्रित किया था। वेंटिलेटर पर होने के बावजूद उनकी सेहत में लगातार गिरावट आ रही थी। दुर्भाग्यवश, रात्रि में अचानक स्थिति अत्यधिक बिगड़ने से महिला की मृत्यु हो गई। मौत की खबर सुनते ही परिजनों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने आईसीयू में बेड के पास लगी ड्रिप स्टैंड की रॉड निकालकर डॉ. हंसराज पर हमला करने के लिए दौड़ पड़े। मौके पर मौजूद मुस्तैद नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ ने बीच-बचाव कर डॉक्टर को बचाया, अन्यथा कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। यह पूरी हिंसक वारदात वहाँ लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार होने में सफल रहा।
घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में रेजिडेंट डॉक्टर आईसीयू में एकत्रित हो गए और आक्रोश व्यक्त किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राहुल जैन और अधीक्षक कार्यालय का स्टाफ देर रात ही मौके पर पहुंचा। प्राचार्य ने पूरे घटनाक्रम की गहनता से जानकारी ली और रेजिडेंट्स को हमलावरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही का ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद ही चिकित्सक शांत हुए। इधर, मृतका आफरीन के शव का नियमानुसार पोस्टमार्टम व अन्य आवश्यक कार्यवाही कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।
मंगलवार को रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने एमबी चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. आर.एल. सुमन को ज्ञापन सौंपकर अपनी व्यथा और असुरक्षा की भावना को व्यक्त किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. दीपेंद्र सेवदा ने कहा कि इस प्रकार के हमलों से डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का मनोबल गिरता है, अतः प्रशासन को अस्पताल में 24/7 पुलिस चौकी की तैनाती और नियमित गश्त सुनिश्चित करनी चाहिए। वहीं महासचिव डॉ. हितेश शर्मा ने रोष जताते हुए कहा कि हमने पूर्व में भी संवेदनशील क्षेत्रों जैसे आईसीयू और इमरजेंसी में पूर्व सैनिकों (एक्स-आर्मी मैन) को तैनात करने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण ऐसी घटनाएँ पुनरावर्तित हो रही हैं। रेजिडेंट्स ने अब स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे कड़ा रुख अपनाने को मजबूर होंगे।

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