उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर की प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्था भारतीय लोक कला मण्डल में बहुप्रतीक्षित ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर हेतु पंजीयन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से प्रारम्भ हो गई है। लोक कलाओं के प्रोत्साहन, प्रभावी प्रचार-प्रसार एवं भावी पीढ़ी को इनके विधिवत प्रशिक्षण के उद्देश्य से संस्था द्वारा वर्षभर विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है, जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह ग्रीष्मकालीन शिविर इस वर्ष 15 मई से शुरू होने जा रहा है। कला के प्रति उत्साह का आलम यह है कि शिविर में भाग लेने हेतु बड़ी संख्या में प्रतिभागी निरंतर पंजीयन के लिए पहुँच रहे हैं।

संस्था निदेशक डॉ. लईक हुसैन ने शिविर की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 8 वर्ष से अधिक आयु के सभी आयु वर्ग के प्रतिभागी सम्मिलित हो सकते हैं। एक माह की अवधि तक चलने वाले इस सघन शिविर में कला साधकों को विभिन्न प्रस्तुति परक लोक कलाओं, जिनमें विशेष रूप से लोक नृत्य, सुरीले लोक गीत, पारंपरिक लोक वादन एवं दुर्लभ दस्ताना पुतली निर्माण का सूक्ष्म प्रशिक्षण विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रदान किया जाएगा। इस आयोजन की सार्थकता इसके समापन समारोह में परिलक्षित होगी, जहाँ माह भर कड़ा अभ्यास करने वाले सभी प्रतिभागी भव्य रंगमंच पर अपनी कलात्मक प्रस्तुतियों का प्रदर्शन करेंगे। यह शिविर न केवल कौशल विकास का माध्यम है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने की दिशा में एक सशक्त और अनिवार्य कदम है।

Pratahkal HQ

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