उदयपुर: फर्जी रजिस्ट्री मामले में भाजपा नेता के सहयोगी की अग्रिम जमानत खारिज
गोगुन्दा में दो करोड़ की जमीन हड़पने के लिए मृत महिला के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाने और गवाही देने के मामले में कोर्ट ने सुरेश चन्द्र की अर्जी नामंजूर की।

उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले के गोगुन्दा थाना क्षेत्र में राजनीतिक रसूख और फर्जीवाड़े के जरिए दो करोड़ रुपये से अधिक की बेशकीमती जमीन हड़पने के मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा नेता द्वारा कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर तैयार की गई फर्जी रजिस्ट्री में गवाह बने आरोपी सुरेश चन्द्र की अग्रिम जमानत याचिका को कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए नामंजूर कर दिया है।
प्रकरण का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता गोमती बाई पत्नी छगनलाल ने गोगुन्दा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, राजस्व ग्राम जसवन्तगढ़ में स्थित उनकी पुश्तैनी खातेदारी की भूमि को हड़पने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची गई। आरोप है कि पीड़िता की बहन दाखु बाई ने स्वयं फर्जी 'गोमती बाई' बनकर 30 जुलाई 2025 को एक फर्जी विक्रय पत्र तैयार किया। इस जालसाजी में मुख्य आरोपी अशोक कुमार जोशी, गवाह विशाल जोशी और सुरेश चन्द्र पालीवाल ने मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और जमीन अशोक कुमार जोशी के नाम हस्तांतरित करवा दी। इस षड्यंत्र में पीड़िता के भाइयों, अम्बालाल व देवीलाल, से भी हक त्याग करवा लिया गया। आरोप है कि अशोक ने राजस्व अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर स्वयं के लाभ के लिए इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया।
जमीन की वास्तविक कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है, जिसकी जानकारी पीड़िता को 29 दिसम्बर 2025 को हुई। विरोध करने पर आरोपी अशोक ने राजनीतिक धौंस दिखाते हुए धमकी दी कि वह भाजपा नांदेशमा युवा मोर्चा का अध्यक्ष है और सत्ता के प्रभाव के कारण उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इसी मामले में संलिप्त गवाह सुरेश चन्द्र पुत्र हीरालाल, निवासी चाटियाखेड़ी, ने गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय की शरण ली थी। सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक वंदना उदावत ने पुरजोर विरोध करते हुए तर्क दिया कि करोड़ों की जमीन के गबन में गवाह की भूमिका अत्यंत गंभीर है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश (क्रम 3) के पीठासीन अधिकारी गणपतलाल विश्नोई ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह फैसला भू-माफियाओं और राजनीतिक संरक्षण में अपराध करने वालों के लिए एक कड़ा संदेश है।

