उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले की घासा थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे एक मृत दंपती की पैतृक भूमि हड़पने के गंभीर षडयंत्र का भंडाफोड़ करते हुए एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह सनसनीखेज मामला सरपंच, वार्ड पंच और पटवारी की कथित मिलीभगत से अंजाम दिया गया, जिसमें अन्य कानूनी वारिसों के हक को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया।

घटनाक्रम के अनुसार, परिवादी भूरा उर्फ हरिराम पुत्र उमा लौहार निवासी रख्यावल घासा ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि रख्यावल क्षेत्र में उनकी पुश्तैनी जमीन स्थित थी। परिवादी के काका भीमा पुत्र लाला की बेऔलाद मृत्यु हो चुकी है और उनकी पत्नी वाली बाई का भी स्वर्गवास हो गया है। नियमानुसार वाली बाई का उक्त जमीन में कानूनी हिस्सा था, जिस पर उनके भतीजे भूरा और भतीजी भागु बाई का वैधानिक हक बनता था। आरोप है कि मृतक भीमा के अन्य भतीजों खेमराज, दौलतराम, पृथ्वीराज, बाबूलाल, लच्छीराम और उनकी मां कमला बाई ने जमीन हड़पने की दुर्भावना से एक व्यापक षडयंत्र रचा।

इन आरोपियों ने तत्कालीन पटवारी कमलेश, सरपंच कान सिंह राव और वार्ड पंच भंवरी बाई के साथ सांठगांठ कर झूठे आवेदन पत्र और फर्जी शपथ पत्र तैयार किए। आरोपियों ने सरपंच कान सिंह और वार्ड पंच भंवरी बाई के हस्ताक्षर करवाकर जमीन को चुपके से अपने नाम दर्ज करवा लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि सरपंच कान सिंह राव, वार्ड पंच भंवरी बाई सहित मोहनलाल पुत्र अम्बालाल पुरोहित, अम्बालाल पुत्र भग्गा, लच्छीराम जोशी पुत्र दुर्गाशंकर जोशी, रमेशचन्द्र पुत्र गेगराज और हीरालाल पुत्र मोतीलाल को इस तथ्य की पूर्ण जानकारी थी कि वाली बाई की मृत्यु हो चुकी है और उनके असली वारिस भूरा व भागु बाई जीवित हैं। इसके बावजूद, आरोपियों ने राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी करने के लिए फर्जी सजरा प्रमाणित किया और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नामांतरकरण (म्यूटेशन) तस्दीक करवा लिया।

जालसाजी का खुलासा तब हुआ जब परिवादी ने पटवार खाने जाकर जानकारी चाही, लेकिन पटवारी ने जमीन का खाता खोलने संबंधी कागजात उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया। पुलिस ने इस संगठित धोखाधड़ी के विरुद्ध मामला दर्ज कर गहन तफ्तीश शुरू की। अनुसंधान के उपरांत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस प्रकरण में लिप्त आरोपी खेमराज पुत्र देवीलाल उर्फ देवा लौहार निवासी रख्यावल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस प्रकरण में शामिल अन्य रसूखदार नामजद आरोपियों और राजस्व अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है, जिससे भ्रष्टाचार और जालसाजी के इस गठजोड़ का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके।

Pratahkal HQ

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