उदयपुर। परंपराओं की बेड़ियों को तोड़ते हुए उदयपुर के निकट लकड़वास क्षेत्र में चार पुत्रियों ने अपनी दिवंगत माता की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी शवयात्रा को कंधा दिया और श्मसान घाट पर मुखाग्नि देकर पुत्र धर्म का निर्वहन किया। समाज में समानता और संवेदनशीलता का उदाहरण पेश करती यह घटना मंगलवार 19 मई को सामने आई, जब जुली जोशी का निधन हो गया।

जुली जोशी ने अपने जीवनकाल में ही यह इच्छा व्यक्त की थी कि उनके निधन के पश्चात उनकी चारों पुत्रियां—मीनाक्षी, कोमल, चेतना और रवीना जोशी—ही उनकी शवयात्रा और अंतिम संस्कार की सभी जिम्मेदारियां पूर्ण करें। जुली जोशी के कोई पुत्र नहीं था, जिसे देखते हुए उन्होंने समय रहते अपनी इस इच्छा से परिजनों को अवगत करा दिया था। अपनी माता की अंतिम आकांक्षा का मान रखते हुए चारों पुत्रियों ने पूरे धैर्य, पूर्ण श्रद्धा और भावनात्मक समर्पण के साथ अंतिम संस्कार की सभी रस्में निभाईं। श्मसान में पुत्रियों द्वारा निभाई गई इन जिम्मेदारियों ने वहां उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया। अंतिम संस्कार में उपस्थित लोगों ने पुत्रियों के इस साहसी और कर्तव्यपरायण कार्य की मुक्त कंठ से सराहना की। स्थानीय निवासियों का मानना है कि पुत्रियों द्वारा किया गया यह कृत्य समाज में जेंडर समानता, उच्च संस्कारों और माता-पिता के प्रति अटूट सम्मान का एक अत्यंत प्रेरणादायक संदेश है।

Pratahkal HQ

Pratahkal HQ

Next Story