उदयपुर के खैरोदा में किशोरी ने विषाक्त पदार्थ खाकर दी जान
बामणिया गांव में मानसिक तनाव के चलते मनीषा कालबेलिया ने राबड़ी में गेहूं की दवा मिलाकर पी ली, एमबी अस्पताल में उपचार के दौरान तोड़ा दम।

उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां खैरोदा थाना क्षेत्र के बामणिया गांव में एक 17 वर्षीय किशोरी ने मानसिक तनाव के वशीभूत होकर आत्मघाती कदम उठा लिया। मृतका मनीषा कालबेलिया ने घर में रखी राबड़ी में गेहूं के संरक्षण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली विषाक्त दवा घोलकर पी ली, जिससे उसकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई और अंततः एमबी चिकित्सालय में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
घटना के समय मनीषा के पिता सुरेश कालबेलिया और माता लाली बाई घर पर मौजूद नहीं थे। वे अपनी नानी श्रवण बाई को देखने के लिए उदयपुर के एमबी चिकित्सालय गए हुए थे, जिन्हें हृदयघात (हार्ट अटैक) के कारण वहां भर्ती कराया गया था। माता-पिता की अनुपस्थिति में पीछे से मनीषा ने यह घातक कदम उठाया। जब उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो घर में मौजूद अन्य परिजनों ने तत्काल उसके माता-पिता को सूचित किया। सूचना मिलते ही दंपत्ति ने परिजनों को उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के निर्देश दिए।
किशोरी को सर्वप्रथम स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे तुरंत एमबी चिकित्सालय रेफर कर दिया। अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करते हुए सोमवार सुबह मनीषा ने अंतिम सांस ली। इस दुखद घटना के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और मृतका के पिता द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर एएसआई मांगीलाल ने मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। एक ही परिवार में नानी की बीमारी और बेटी की असामयिक मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को शोक संतप्त कर दिया है।

