उदयपुर: जिला एवं सेशन न्यायाधीश पैदल और साइकिल से पहुंचे कोर्ट
राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देश पर उदयपुर में न्यायिक अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को बढ़ावा देने की अपील की।

उदयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के निर्देशों की अनुपालना में उदयपुर न्यायालय परिसर में शुक्रवार को एक अनुकरणीय पहल देखने को मिली। जिला एवं सेशन न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश गुप्ता अपने आवास से पैदल चलकर न्यायालय पहुंचे, वहीं मोटर वाहन दुर्घटना अधिकरण क्रम संख्या-1 के न्यायाधीश गणपत लाल विश्नोई साइकिल का उपयोग करते हुए कोर्ट परिसर पहुंचे। इस अनूठी पहल में न्यायिक अधिकारियों ने सहभागिता निभाते हुए पर्यावरण संरक्षण और सादगी का संदेश दिया।
न्यायिक अधिकारियों की इस मुहिम में एडीजे क्रम संख्या-4 जितेन्द्र गोयल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष जोशी तथा एनआई एक्ट प्रकरण न्यायालय क्रम संख्या-8 की न्यायाधीश चेताली गोयल भी शामिल रहे, जो जिला एवं सेशन न्यायाधीश आवास से पैदल ही न्यायालय तक आए।
इस अवसर पर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश गुप्ता ने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही चारपहिया वाहनों का उपयोग करें। उन्होंने न्यायिक कार्यों में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष बल देते हुए कहा कि अधिकाधिक मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पैरवी और गवाहों के बयान दर्ज करवाए जाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे न केवल लोगों को न्यायालय आने की आवश्यकता कम होगी, बल्कि समय और संसाधनों की भी सार्थक बचत हो सकेगी। उन्होंने अपने संबोधन में अधिवक्ताओं से राष्ट्र निर्माण की दिशा में अधिकाधिक सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया।

