उदयपुर: धोखाधड़ी कर जेसीबी बेचने वाला तोसिफ खान गिरफ्तार, 2 साल से था फरार
गोगुन्दा पुलिस ने एग्रीमेंट के बहाने जेसीबी हड़पकर हरियाणा में बेचने वाले मुख्य आरोपी को पकड़ा, गिरोह के 6 सदस्य पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार।

उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले की गोगुन्दा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और विश्वासघात के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए जेसीबी मशीन को षड्यंत्रपूर्वक हरियाणा में बिकवाने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस अंतरराज्यीय ठगी गिरोह के सक्रिय सदस्य को प्रोडक्शन वारंट के जरिए दबोचा है, जो पिछले दो वर्षों से कानून की नजरों से बचकर फरार चल रहा था।
घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए थानाधिकारी श्याम सिंह ने बताया कि इस पूरे मामले की जड़ें 13 जनवरी को दर्ज हुई एक प्राथमिकी में हैं। प्रार्थी प्यारेनाथ पुत्र पुष्करनाथ, निवासी रोयडा सायरा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि जितेन्द्र सिंह निवासी खेरवाडा ने उनकी जेसीबी मशीन को 2.50 लाख रुपए के शुरुआती भुगतान पर लिया था। समझौते के अनुसार, आरोपी को मशीन पर बकाया लोन की 56 किस्तें जमा करवानी थीं। सुरक्षा की दृष्टि से मशीन में जीपीएस सिस्टम भी लगाया गया था ताकि उसके कार्यक्षेत्र और संचालन की निगरानी की जा सके। हालांकि, आरोपी जितेन्द्र सिंह ने प्रार्थी के साथ किए गए एग्रीमेंट की धज्जियां उड़ाते हुए विश्वासघात किया और जेसीबी को किसी बाहरी व्यक्ति को बेच दिया। जब प्रार्थी ने जीपीएस लोकेशन की जांच की, तो मशीन की लोकेशन हरियाणा राज्य में पाई गई, जिससे इस सुनियोजित धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ।
पुलिस अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया कि इस गिरोह ने जेसीबी को नूह (हरियाणा) में ले जाकर ऊंचे दामों पर बेच दिया था। इस प्रकरण में पुलिस ने करीब 2 साल से फरार चल रहे शातिर आरोपी तोसिफ खान पुत्र अफजल खान पठान, निवासी सावा कजोडपुरा शंभुपुरा (चित्तौड़गढ़) को प्रोडक्शन वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया है। वर्तमान में पुलिस हिरासत में आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य नेटवर्क का पता लगाया जा सके। उल्लेखनीय है कि इस वारदात में संलिप्त 6 आरोपियों को पुलिस पूर्व में ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
आरोपियों के कबूलनामे से ठगी के एक विशेष तरीके ('मोडस ऑपरेंडी') का भी खुलासा हुआ है। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र के भोले-भाले वाहन स्वामियों को अपना निशाना बनाता है। आरोपी स्थानीय व्यक्तियों के नाम पर जेसीबी या अन्य चार पहिया वाहनों को खरीदने का एग्रीमेंट करते हैं और मालिक को विश्वास दिलाते हैं कि वे बकाया लोन की किश्तें समय पर भरेंगे। एक बार वाहन हाथ में आने के बाद, ये शातिर अपराधी उसे तुरंत हरियाणा के नूह जैसे इलाकों में ले जाकर मोटी रकम लेकर बेच देते हैं। पुलिस की इस कार्रवाई ने वाहन स्वामियों के बीच हड़कंप मचा दिया है और भविष्य में इस तरह के अनुबंधों के प्रति सावधानी बरतने का कड़ा संदेश दिया है।

