उदयपुर/बांसवाड़ा। श्री मेवाड़ वागड़ मालवा जनजाति विकास संस्थान, उदयपुर के तत्वावधान में आयोजित 12वें अंचल स्तरीय जनजाति प्रतिभा सम्मान एवं सर्वसमाज शिक्षक गौरव समारोह-2025 ने सफलता का एक नया इतिहास रच दिया है। उदयपुर के ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित इस भव्य और गरिमामयी समारोह में वागड़ अंचल सहित विभिन्न क्षेत्रों की उन विलक्षण प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने समाज को नई दिशा दी है। इस अंचल स्तरीय समागम में शिक्षा, सामाजिक जन-जागरण, नशामुक्ति अभियान, सामाजिक नवाचार तथा जनसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट और उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों को मंच प्रदान कर उनकी सेवाओं को सराहा गया।

इस उच्च स्तरीय समारोह की अध्यक्षता सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने की, जिन्होंने अपने संबोधन में इन प्रतिभाओं को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकार की ओर से जनजाति उत्थान के संकल्प को दोहराया। इसके साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक शांता देवी मीणा, पूर्व मंत्री एवं संस्थान के संस्थापक सदस्य रघुवीर सिंह मीणा तथा पूर्व मंत्री मांगीलाल गरासिया सहित कई वरिष्ठ राजनेताओं और गणमान्य विचारकों ने अपनी उपस्थिति से समारोह की गरिमा को बढ़ाया।

समारोह का मुख्य आकर्षण जनजाति क्षेत्र में उच्च स्तरीय शोध एवं अकादमिक उपलब्धियों के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित 'महर्षि वाल्मीकि गौरव पुरस्कार-2025' रहा। इस गरिमामय पुरस्कार से डॉ. कन्हैयालाल खांट, डॉ. मनीषा बामनिया, डॉ. नरेन्द्र कुमार डामोर, डॉ. रतन लाल खराड़ी एवं डॉ. कैलाश चन्द्र रोत को नवाजा गया। इन सभी विद्वानों को यह सम्मान मिलने से समूचे वागड़ क्षेत्र में हर्ष की लहर दौड़ गई है। यह समारोह न केवल प्रतिभाओं के प्रोत्साहन का माध्यम बना, बल्कि इसने समाज में सकारात्मक बदलाव, शैक्षणिक क्रांति और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक युगांतकारी और दूरगामी संदेश भी प्रसारित किया है।

Pratahkal HQ

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