उदयपुर-जयपुर होली डे एक्सप्रेस के फतहनगर ठहराव की मांग तेज
व्यापारिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने रेलमंत्री को पत्र लिखकर ट्रेन के फतहनगर स्टेशन पर दो मिनट का ठहराव देने का आग्रह किया है।

फतहनगर रेलवे स्टेशन पर होली के रंगों में रंगे यात्री उदयपुर-जयपुर होली डे एक्सप्रेस के सामने खड़े हैं। यह तस्वीर काल्पनिक है और एआई द्वारा केवल संदर्भ के लिए बनाई गई है।
फतहनगर के निवासियों, व्यापारिक संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का धैर्य अब जवाब दे गया है। उदयपुर-जयपुर होली डे एक्सप्रेस के फतहनगर रेलवे स्टेशन पर ठहराव की मांग ने अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले लिया है। इस महत्वपूर्ण रेल सेवा का ठहराव सुनिश्चित करने के लिए नगर के विभिन्न सामाजिक समूहों और व्यापार मंडल ने क्षेत्रीय सांसद सी.पी. जोशी तथा रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को औपचारिक पत्र प्रेषित कर तत्काल निर्णय लेने का आग्रह किया है। यह मांग केवल एक स्टेशन पर ठहराव की नहीं, बल्कि फतहनगर और आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों यात्रियों के लिए सुगम यात्रा के अधिकार की है।
फतहनगर एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र होने के साथ ही मावली क्षेत्र और आसपास के अनेक तहसीलों का मुख्य आवागमन का बिंदु है। दैनिक आधार पर यहाँ के निवासियों को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापारिक कार्यों के लिए उदयपुर, जयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और अहमदाबाद जैसे महानगरों की ओर रुख करना पड़ता है। वर्तमान स्थिति में इस एक्सप्रेस ट्रेन के न रुकने के कारण यात्रियों को उदयपुर जाकर ट्रेन पकड़ने की विवशता है, जिससे न केवल उनका बहुमूल्य समय नष्ट होता है, बल्कि आर्थिक भार भी बढ़ता है। ज्ञापन में यह स्पष्ट किया गया है कि फतहनगर रेलवे स्टेशन तक ग्रामीण क्षेत्रों से परिवहन की सुदृढ़ व्यवस्था उपलब्ध है, जिससे इस ठहराव से बड़ी संख्या में यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
इस मांग के पीछे ठोस तकनीकी तर्क भी दिए गए हैं। प्रेषित ज्ञापनों के अनुसार, वर्तमान समय-सारणी में चंदेरिया स्टेशन पर ट्रेन के रुकने के समय का उपयोग करते हुए फतहनगर में मात्र दो मिनट का ठहराव आसानी से दिया जा सकता है। इससे ट्रेन के संचालन और समयबद्धता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा, जबकि यात्रियों को अत्यंत सुगम रेल विकल्प मिल जाएगा। इसके अतिरिक्त, अहमदाबाद जाने वाली रैक के साथ जुड़ाव होने के कारण यह ठहराव यात्रियों के लिए अंतर्राज्यीय कनेक्टिविटी को भी सुदृढ़ करेगा।
रेलवे प्रशासन के आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह प्रस्ताव अत्यंत लाभकारी प्रतीत होता है। व्यापारिक संगठनों का तर्क है कि फतहनगर से यात्रियों की संभावित संख्या में भारी वृद्धि होगी, जिससे रेलवे के राजस्व में उल्लेखनीय इजाफा सुनिश्चित है। जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने स्पष्ट किया है कि यह मांग जनहित और रेलवे के आर्थिक लाभ का एक अनूठा संगम है। अब सबकी दृष्टि रेल मंत्रालय के निर्णय पर टिकी है। क्षेत्र की इस बहुप्रतीक्षित मांग के पूरा होने से न केवल हजारों यात्रियों की कठिनाइयों का अंत होगा, बल्कि फतहनगर के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी एक नई गति मिलेगी।

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