उदयपुर: पति ने तलाक के फर्जी दस्तावेज न्यायालय में पेश किए, मामला दर्ज
रेखा बागड़ी की शिकायत पर भूपालपुरा थाना पुलिस ने पति मनोज बागड़ी और अन्य के खिलाफ कूट रचना और धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।

उदयपुर। शहर के भूपालपुरा थाना क्षेत्र में एक महिला द्वारा अपने पति और उसके सहयोगियों के विरुद्ध धोखाधड़ी और कूट रचना का सनसनीखेज मामला दर्ज कराया गया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसके नाम से फर्जी स्टाम्प खरीदकर और फर्जी हस्ताक्षर कर विवाह विच्छेद के कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया में असली के तौर पर पेश किया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सविना सेक्टर 9 निवासी और वर्तमान में गुलाबेश्वर मार्ग हाथीपोल में रह रही रेखा बागड़ी पत्नी मनोज बागड़ी ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने अपने पति मनोज पुत्र मोहन लाल खटीक निवासी सेक्टर 14, उसकी दूसरी पत्नी ममता बागड़ी, और कन्हैया लाल पुत्र सत्यनारायण माली निवासी कालाजी गोराजी सहित अन्य के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दी है। रेखा का आरोप है कि उनका विवाह 29 अप्रैल 1998 को हुआ था, लेकिन पति मनोज ने उसे बिना कानूनी तलाक दिए दूसरी शादी कर ली, जिसका प्रकरण वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
घटना का खुलासा तब हुआ जब 30 अप्रैल को न्यायालय में पेशी के दौरान मनोज द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की एक प्रति रेखा को प्राप्त हुई। इस प्रति में मनोज और रेखा के बीच आपसी राजीनामे से विवाह विच्छेद होने का उल्लेख था। पीड़िता ने दावा किया कि आरोपियों ने मिलीभगत कर उसके नाम का एक स्टाम्प लिया और उस पर फर्जी हस्ताक्षर कर उसे विवाह विच्छेद के राजीनामे का रूप दे दिया। इस संदिग्ध दस्तावेज में कन्हैया लाल माली का शपथ पत्र भी संलग्न था। चौंकाने वाली बात यह है कि स्टाम्प के गवाह के रूप में पीड़िता की सास जशोदा और उसके मृतक मामा जीतमल चौहान के नाम दर्ज हैं, जबकि दोनों का निधन हो चुका है और उनके हस्ताक्षर भी फर्जी हैं।
पीड़िता ने दस्तावेजों में विरोधाभास उजागर करते हुए बताया कि इस फर्जी स्टाम्प की नोटरी भी कराई गई है। मनोज ने अपने वकील के माध्यम से 7 सितंबर 2024 को एक आम सूचना प्रकाशित करवाई थी, जिसमें विवाह विच्छेद वर्ष 2004 में होना बताया गया था, जबकि कथित स्टाम्प पर यही तारीख 20 अक्टूबर 2006 अंकित है। न्यायालय को गुमराह करने और फर्जी साक्ष्य पेश करने के इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए भूपालपुरा थाना पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है। यह मामला न्यायिक प्रणाली में फर्जी दस्तावेजों के बढ़ते दुरुपयोग और वैवाहिक विवादों में जालसाजी की पराकाष्ठा को दर्शाता है।

