उदयपुर: ग्रीन सेवियर्स की बैठक में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण पर मंथन
सेवानिवृत्त वन अधिकारियों ने चंदन वृक्षारोपण को बढ़ावा देने और विश्राम गृहों में रियायती प्रवेश की मांग हेतु सरकार को पत्र लिखने का निर्णय लिया।

उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर स्थित अरण्य कुटीर में सेवानिवृत्त वन अधिकारियों के प्रतिष्ठित समूह 'ग्रीन सेवियर्स' की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और भविष्य की संगठनात्मक दिशा-निर्देशों को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में राहुल भटनागर सहित वन विभाग के अनेक वरिष्ठ सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि वर्तमान समय में पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक और निरंतर प्रयासों की नितांत आवश्यकता है।
चर्चा के दौरान संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर एक बड़ा और सर्वसम्मत निर्णय लिया गया कि समूह के भीतर किसी भी प्रकार की राजनीतिक सामग्री या चर्चा को स्थान नहीं दिया जाएगा। इसके बजाय केवल पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव संरक्षण से संबंधित आधिकारिक जानकारी, शोध और समाचारों को ही प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। बैठक में राज्य की पारिस्थितिकी को सुदृढ़ करने हेतु राजस्थान में चंदन वृक्षारोपण को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की रणनीति पर भी गंभीर मंथन हुआ।
प्रशासनिक एवं नीतिगत सुधारों की दिशा में संगठन ने यह तय किया कि सेवानिवृत्त वन अधिकारियों के इस समूह द्वारा विभाग और राज्य सरकार को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया जाएगा। इस पत्र के माध्यम से मांग की जाएगी कि सेवानिवृत्त अधिकारियों को वन विश्राम गृहों, अभयारण्यों एवं राष्ट्रीय उद्यानों में नि:शुल्क अथवा न्यूनतम शुल्क पर प्रवेश की सुविधा सुनिश्चित की जाए। बैठक का समापन उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता और संकल्प को दोहराने के साथ हुआ। यह आयोजन न केवल अनुभवों के साझाकरण का माध्यम बना, बल्कि आने वाले समय में प्रकृति संरक्षण की दिशा में एक स्पष्ट रूपरेखा भी तैयार कर गया।

