उदयपुर में 'ग्राम रथ अभियान' का आगाज, गांव-गांव पहुंचेंगी सरकारी योजनाएं
सूचना केंद्र से 15 दिवसीय रथ यात्रा की रवानगी, 13 विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का एलईडी वैन के माध्यम से होगा ग्रामीण अंचलों में सघन प्रचार।

उदयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी निर्देशन में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित 'ग्राम रथ अभियान' के माध्यम से अब प्रदेश की विकास गाथा और जनकल्याणकारी योजनाएं सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुंचेंगी। ग्लोबल राजस्थान एग्रोटेक मीट के परिप्रेक्ष्य में किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण क्षेत्रों के उत्थान हेतु तैयार इस विशेष अभियान का राज्य स्तरीय आगाज जयपुर में होने के पश्चात अब उदयपुर में इसका जिला स्तरीय शुभारंभ मंगलवार सुबह 11 बजे सूचना केंद्र से होगा। इस गरिमामय अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधि और उच्चाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे, जो हरी झंडी दिखाकर इन सूचना रथों को ग्रामीण अंचलों के लिए रवाना करेंगे।
जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल के कुशल निर्देशन में इस यात्रा की समस्त तैयारियां और रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा चुका है। अभियान के नोडल अधिकारी एवं जिला परिषद सीईओ विरमा राम ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह सघन अभियान आगामी 15 दिनों तक अनवरत जारी रहेगा। निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार ये ग्राम रथ प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के गांव-गांव में भ्रमण करेंगे। इस अभियान की सबसे प्रमुख विशेषता इसमें प्रयुक्त एलईडी स्क्रीन युक्त मोबाइल वैन हैं, जिनके माध्यम से राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का जीवंत चित्रण किया जाएगा। ग्रामीणों को न केवल तकनीकी माध्यमों से योजनाओं की जानकारी दी जाएगी, बल्कि एलईडी के जरिए मुख्यमंत्री का विशेष संदेश और संवाद भी प्रसारित होगा ताकि शासन और जनता के बीच सीधा जुड़ाव स्थापित हो सके।
इस व्यापक प्रचार अभियान में शासन के कुल 13 विभाग सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। इनमें कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, सहकारिता, सिंचाई, उद्योग, ऊर्जा, राजस्व, पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विभाग सम्मिलित हैं। इन विभागों द्वारा योजनाओं से संबंधित प्रमाणिक प्रचार सामग्री और ब्रोशर भी ग्रामीणों के बीच वितरित किए जाएंगे। इस अभियान का मूल उद्देश्य राज्य सरकार की उपलब्धियों और लोक-लुभावन योजनाओं को धरातल पर उतारते हुए ग्रामीण अंचल के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को जागरूक करना है। यह प्रयास न केवल सरकारी योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाएगा, बल्कि अधिक से अधिक पात्र लोगों को लाभान्वित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में भी मील का पत्थर साबित होगा।

