उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले के गोगुन्दा थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक अशिक्षित वृद्ध को सरकारी योजनाओं और पेंशन बहाली का झांसा देकर उसकी बेशकीमती जमीन हड़प ली गई। ठगी का शिकार हुए 90 वर्षीय वृद्ध काना पुत्र सवा भील, निवासी बाघेलो का गुडा कदमाल, गोगुन्दा ने आरोपियों के विरुद्ध षड्यंत्रपूर्वक संपत्ति हथियाने की प्राथमिकी दर्ज करवाई है। घटनाक्रम के अनुसार, करीब 15 दिन पूर्व आरोपी देवेन्द्र पुत्र गोपा भील (निवासी भीलवाडा लखावली) और कैलाश पुत्र उदा भील (निवासी फतेहपुर खमनोर) वृद्ध के पास पहुँचे और उन्हें विश्वास में लेकर कहा कि उनकी सरकारी पेंशन का प्रतिवर्ष भौतिक सत्यापन अनिवार्य है। आरोपियों ने बरडा निवासी भैरूसिंह और बड़गांव निवासी पंकज को सरकारी कार्यों का जानकार बताकर वृद्ध को प्रलोभन दिया कि वे न केवल पेंशन का नवीनीकरण करवा देंगे, बल्कि उनकी जमीन उनके पोतों कपिल व मोहन के नाम भी स्थानांतरित करवा देंगे।

जालसाजों ने वृद्ध को यह झांसा भी दिया कि जमीन पोतों के नाम होने पर उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत सालाना 8 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त होगी। परिचित होने के कारण काना भील ने उन पर भरोसा कर लिया और 27 नवम्बर को देवेन्द्र व कैलाश उसे तथा उसके पोतों कपिल व मोहन को रजिस्ट्री कार्यालय ले गए। वहां आरोपियों ने वृद्ध और उसके पोतों से विभिन्न स्टाम्प पेपरों व दस्तावेजों पर अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर करवा लिए। आरोपियों ने बड़ी चालाकी से जमीन की रजिस्ट्री पोतों के नाम करने के बजाय मुख्य आरोपी देवेन्द्र भील के नाम करवा दी। इस विश्वासघात का खुलासा तब हुआ जब वृद्ध के तीनों पुत्रों देवाराम, अम्बालाल और चेनाराम को संदेह हुआ और उन्होंने दस्तावेजों की जांच की। सच सामने आने पर ज्ञात हुआ कि इन सभी आरोपियों ने मिलीभगत कर वृद्ध की संपत्ति अवैध रूप से अपने नाम करवा ली है। वर्तमान में गोगुन्दा थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला पंजीकृत कर आरोपियों के विरुद्ध गहन जांच शुरू कर दी है, जिससे क्षेत्र में धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों में हड़कंप मचा हुआ है।

Pratahkal HQ

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